“पंचायत सदस्य पर लगे महिला स्व-सहायता समूह को बदनाम करने के आरोप, सैकड़ों महिलाएं पहुंची ज्ञापन देने”

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“पंचायत सदस्य पर लगे महिला स्व-सहायता समूह को बदनाम करने के आरोप, सैकड़ों महिलाएं पहुंची ज्ञापन देने”

दैनिक रेवांचल टाइम्स | पवई, पन्ना | 29 जुलाई 2025

जनपद पंचायत पवई के ग्राम अतरहाई सहित आसपास एवं पवई विकास खण्ड से दर्जनों गांवों की सैकड़ों महिलाएं मंगलवार को जनपद पंचायत कार्यालय और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय पवई पहुंचीं। महिलाओं ने रामकुमार चौधरी (जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 11) एवं धीरेंद्र चौरसिया (ग्राम गंज, तहसील गुनौर) के खिलाफ कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

महिलाओं का आरोप है कि दोनों व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से आजीविका मिशन अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों की छवि खराब करने और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि समूहों द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियां और बैंकिंग प्रक्रियाएं पूर्णतः पारदर्शी हैं। इन पर झूठे आरोप लगाकर महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को प्रभावित करने की साजिश की जा रही है।

गंभीर आरोप: बिना आधार झूठे प्रचार और दखल

ज्ञापन के अनुसार, श्री रामकुमार चौधरी और श्री धीरेंद्र चौरसिया द्वारा जानबूझकर महिला समूहों के कार्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं, समूह गठन, खाता संचालन और ऋण वितरण की समस्त प्रक्रिया बैंक, आजीविका मिशन और स्वयं समूह के नियमों के तहत होती है। समूह की अध्यक्ष, सचिव और सदस्य स्वयं निर्णय लेकर कार्य करते हैं, जिसमें किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका नहीं होती।

महिलाओं ने बताया कि गांव की महिलाएं स्वरोजगार, लोन वितरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सक्रिय हैं और इन प्रयासों को बदनाम करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि अगर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सभी सीएलएफ समूह एवं ग्राम संगठन स्तर पर व्यापक आंदोलन करेंगी।

सैकड़ों महिलाओं ने किया समर्थन, हस्ताक्षर कर सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन में सैकड़ों महिलाओं के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। इनमें टिकरिया, खरमोरा, अतरहई, सिमराखुर्द, मोहन्द्रा, बिल्हा, चादनपुर, इमलिया, बिरसिंहपुर, करही, खतवार, कृष्णगढ़, उमरहट, कूपना आदि ग्रामों की महिलाएं शामिल थीं।

महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के झूठे प्रचार और सामाजिक माहौल को बिगाड़ने की साजिश करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में महिला समूहों की गरिमा और आजीविका मिशन की योजनाओं को क्षति न पहुंचे।

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