किसानों के काम ठप, पीएम किसान पंजीयन और फार्मर आईडी अटकी; जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। मंडला जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिलेभर से पटवारियों के मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने और राजस्व संबंधी कार्यों में लापरवाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। समाचार प्रकाशित होने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने से नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सबसे अधिक शिकायतें नैनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवाड़ा से सामने आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां राजस्व व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पटवारी नियमित रूप से मुख्यालय में उपस्थित नहीं रहते, जिससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा-खसरा, आय-जाति प्रमाण पत्र सत्यापन सहित अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए आवश्यक पंजीयन और फार्मर आईडी बनाने का कार्य भी ठप पड़ा है, जिसके कारण किसान योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले पदस्थ पटवारी को हटा दिया गया, लेकिन उसके स्थान पर किस पटवारी की पदस्थापना की गई है, इसकी जानकारी तक सार्वजनिक नहीं की गई। इससे लोग अपने छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए तहसील और पटवारी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नैनपुर का राजस्व अमला भी इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर उदासीन बना हुआ है। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो पटवारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है और न ही लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि परसवाड़ा में पदस्थ पटवारी की जानकारी सार्वजनिक की जाए, उसे नियमित रूप से मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाएं तथा किसानों और आम नागरिकों के लंबित राजस्व कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र व्यवस्था नहीं सुधरी तो जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है।
