रिजल्ट घोषित, नतीजे लापता…विद्यार्थी परेशान मेडिकल यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार लोग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं

रिजल्ट घोषित, नतीजे लापता…विद्यार्थी परेशान मेडिकल यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार लोग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे मेडिकल यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार

जबलपुर में मेडिकल यूनिवर्सिटी इस उद्देश्य के तहत स्थापित की गई थी ताकि इसका लाभ महाकोशल के मेडिकल स्टूटेंड्स को मिल सके, परंतु मेडिकल यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली राहत देने की बजाय बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने लगी है। आए दिन किसी ने किसी परीक्षा के नतीजों को लेकर मेडिकल यूिनवर्सिटी पर सवाल उठते रहे हैं। ताजा मामला दो दिन पहले घोषित हुए आयुर्वेद कालेजों के नतीजों से जुड़ा है। अनेक विद्यार्थी अपने नतीजों का इंतजार करते रहे अौर यूनिवर्सिटी के कर्ता धर्ता जवाब देने से बचते रहे।

सीधे मुंह बात करने तैयार नहीं अिधकारी

मेडिकल यूनीवर्सिटी ने दो दिन पहले कई कालेजों के नतीजे घोषित किए। अिधकांश कालेजों के कई विद्यार्थियों के नतीजे नहीं आए। गुरूवार को सुबह से मेडिकल यूनीवर्सिटी के वीसी समेत अन्य अिधकारियों को घेरने पहुंच गए। बताया जाता है कि इन बच्चों के नतीजे न आने के पीछे परीक्षा विभाग की बड़ी चूक है। भोपाल आयुर्वेद कालेज के भी कई छात्र हैं जिनके नतीजे घोषित नहीं हुए है। अभिभावकों का कहना है कि जब उनके द्वारा वीसी से सम्पर्क किया गया तो अिधकारी सीधे मुंह बात करने तैयार नहीं हुए अौर न ही उनके द्वारा संतोषजनक जवाब दिया गया।

Result declared, result missing… students are worried about medical university
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जिम्मेदारों की हरकतों से निराश अभिभावक

अिधकारियों की इस हरकत ने अिभभावकों अौर परीक्षार्थियों को काफी निराश किया है। इनमें से कई परीक्षार्थी ऐसे हैं जिन्हें दो दिन के अंदर ही दूसरे किसी कालेज में दाखिला लेना है, अगर उन्हें समय पर रिजल्ट नहीं मिला तो उनके भविष्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह थी कि नतीजे न आने के बाद सुबह से बड़ी संख्या में पैरेंट्स अपने बच्चों को लेकर मेडिकल यूनीवर्सिटी के जिम्मेदारों के पास पहुंच गये।

किसके पास जाएं विद्यार्थी

जिन विद्यार्थियों के रिजल्ट नहीं आए, वो किसके पास जाकर अपना दुखड़ा सुनाएं। चौंकाने वाली जानकारी के मुताबिक कुछ अभिभावकों से तो अिधकारियों ने यह कह दिया कि रिजल्ट आपके बच्चे की गलती से रुका है। कापी जांचने वाली मशीन आपके बच्चे की गलत राइटिंग की वजह से पकड़ नहीं सकी होगी, इसके लिए नतीजे नहीं आ सके। इस तरह से ऊल जुलूल तर्क देकर पैरेंट्स को भटकाने अौर भगाने की कोशिशें दिन भर की गईं।

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