सदर, तिलहरी, बिलहरी बन रहे नशे के हॉट स्पॉट नाइट शो कल्चर का बढ़ता खतरा : पुलिस और प्रशासन की चुप्पी दे रही अपराध को न्यौता!
रेवांचल टाइम्स जबलपुर
प्रमुख क्षेत्र : कहां सबसे ज्यादा हो रहा है नाइट शो कल्चर का विस्तार?
जबलपुर में सदर, तिलहरी और बिलहरी रोड अब नाइट शो संस्कृति के मुख्य केंद्र बनते जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में मौजूद कैफे, लॉन्ज और होटल्स देर रात तक नशे, डीजे, और भीड़भाड़ के हब में बदल चुके हैं।
सदर: कॉलेज स्टूडेंट्स और युवाओं के बीच यह इलाका नाइट पार्टीज़ के लिए सबसे फेवरिट बना हुआ है।
तिलहरी : हाईवे से सटे होने की वजह से अवैध ड्रग्स और शराब की सप्लाई यहां सबसे आसान हो चुकी है।
बिलहरी रोड : लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी, यहां के आयोजकों को और निडर बना रही है।
नाइट शोज़ में क्या हो रहा है? — ज़मीनी हकीकत, रेव पार्टियां रात 1-2 बजे तक धड़ल्ले से चल रही हैं। म्यूजिक, नशा, अश्लीलता के साथ नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं।
आयोजनों में किशोरवय बच्चों तक की मौजूदगी देखी गई है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ होटल्स और कैफे “स्पेशल पास” के नाम पर नाबालिगों को भी एंट्री दे रहे हैं।
कानूनों का मजाक उड़ाया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई शून्य क्यों?
नियम उल्लंघन
NDPS Act ड्रग्स की खुलेआम बिक्री और सेवन,आबकारी अधिनियम अवैध शराब परोसना और बेचना,Noise Rules रात 10 बजे के बाद तेज डीजे,फायर सेफ्टी क्षमता से 4 गुना भीड़, ट्रैफिक नियम रोड किनारे अवैध पार्किंग
क्या यह सब बिना प्रशासन की जानकारी के हो रहा है?
सोशल मीडिया पर इन शोज़ के इंवेट्स और टिकट खुलेआम बिकते हैं। ऑनलाइन प्रमोशन से हजारों लोगों को बुलाया जाता है।फिर भी न कोई छापा, न कोई FIR — आखिर क्यों?

‘संरक्षण’ का सवाल : किसकी शह पर फल-फूल रहा नाइट शो कल्चर?
- क्या होटल और कैफे संचालकों को प्रशासनिक या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
- क्या पुलिस, नगर निगम, आबकारी और फूड सेफ्टी विभाग को रिपोर्ट नहीं मिलती?
- या फिर ये सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
जनता के लिए खतरा : ट्रैफिक जाम से एम्बुलेंस तक फंसी,नाइट शोज़ के दौरान सदर चौक, तिलहरी बाईपास और बिलहरी पेट्रोल पंप के आसपास अवैध पार्किंग से जाम लग जाता है।कई बार एम्बुलेंस फंसी और मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
मांग: जबलपुर को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाना है तो कार्रवाई जरूरी है!
सभी नाइट शोज़ की लाइसेंस प्रक्रिया की जांच हो।,फायर सेफ्टी, FSSAI, और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम बनाकर छापे मारे जाएं।,सोशल मीडिया पर प्रमोट हो रहे ऐसे आयोजनों पर साइबर सेल निगरानी बढ़ाए। नाबालिगों की सुरक्षा हेतु काउंसलिंग और स्कूल-कॉलेज स्तर पर अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए जाएं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सदर, तिलहरी और बिलहरी आने वाले दिनों में नशे, अपराध और अराजकता के पर्याय बन जाएंगे।
प्रशासन का मौन रहना सिर्फ लापरवाही नहीं, जनहित की सीधी हत्या है।
रेवांचल टाइम्स इस विषय पर जनहित में लगातार रिपोर्टिंग करता रहेगा। यदि आपके पास इस मुद्दे से जुड़ी जानकारी या सबूत हों, तो हमसे संपर्क करें।
