सांदीपनी स्कूल का शिक्षक निलंबित — छात्राओं से आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप शिक्षक के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट एवं BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज

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Sandipani School teacher suspended – FIR filed against teacher under sections of POCSO Act and BNS for inappropriate behaviour towards female students

रेवाँचल टाईम्स- डिंडोरी सांदीपनी विद्यालय अमरपुर की छात्राओं द्वारा प्राथमिक शिक्षक प्रशांत साहू के विरुद्ध आपत्तिजनक व्यवहार की शिकायत किए जाने पर जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन को जानकारी देने के बाद सिटी कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत एवं उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा प्रकरण की प्रकृति को देखते हुए तत्काल बीएनएस एवं पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78(1)(ii) एवं 79, तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act.) की धारा 11(iv) और 12 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस द्वारा पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

छात्राओं द्वारा की गई शिकायत के अनुसार शिक्षक द्वारा अनुचित एवं आपत्तिजनक संदेश भेजे जा रहे थे तथा व्यक्तिगत रूप से मिलने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध पर परीक्षा में कम अंक देने की चेतावनी भी दी जाती थी। छात्राओं ने इस संबंध में विद्यालय के एक शिक्षक एवं प्राचार्य को अवगत कराया, जिसके बाद वे उप-सरपंच एवं महिला शिक्षिका के साथ पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण को तुरंत जनजातीय कार्य विभाग को अग्रेषित किया गया।

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी द्वारा प्राथमिक शिक्षक प्रशांत साहू को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें विकासखंड अमरपुर कार्यालय में पदस्थ रखा गया है।

सहायक आयुक्त द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि शिक्षक का यह कृत्य गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 1, 2 एवं 3 का उल्लंघन है।

विभाग द्वारा मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा प्रस्तुतकर्ता अधिकारी के रूप में एक वरिष्ठ प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बताया जाता है कि शिक्षक प्रशांत साहू की नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी। मात्र एक वर्ष में ही उनके विरुद्ध छात्राओं से आपत्तिजनक व्यवहार और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

 वही जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा एवं गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे प्रकरणों में सख्त एवं त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
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