30 साल से मंडला में जमे पीडब्ल्यूडी के प्रभारी एसडीओ पर उठे सवाल
स्थानांतरण और संपत्ति जांच की मांग तेज
लंबे कार्यकाल पर नागरिकों में आक्रोश, कराए गए निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की उठी मांग
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। मध्य प्रदेश का मंडला जिला एक बार फिर उन अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर चर्चा में है, जो वर्षों से एक ही जिले में जमे हुए हैं। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रभारी एसडीओ संजीव द्विवेदी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वे लगभग 30 से 32 वर्षों से मंडला जिले में ही पदस्थ हैं और अब तक उनका जिले से बाहर स्थानांतरण नहीं किया गया है।
और हुआ भी है तो वह नही गए मतलब है इनकी विभाग में नीचे से लेकर ऊपर तक बड़ी पकड़ रखते है जो कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे रहने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि इतने लंबे कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा कराए गए सभी निर्माण कार्यों, पेंचवर्क, सड़क निर्माण और विभागीय खर्चों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
इनके ऊपर पहले भी निर्माण कार्यो में गुणवत्ता विहीन कार्य और भ्रष्टाचार ग़बन घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे और जाँच भी हुई पर कार्यवाही के नाम पर केवल दिखवा और उपयंत्री से लेकर प्रभारी सहायक यंत्री तक जनप्रतिनिधियों और विभागीय संरक्षण के चलते है बचते आ रहे हैं।
वही जनता के बीच यह भी चर्चा है कि अधिकारी की संपत्ति की जांच अत्यंत आवश्यक है। लोगों ने आशंका जताई है कि उनके पास आय से अधिक संपत्ति हो सकती है, इसलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि इतनी संपत्ति का स्रोत क्या है। नागरिकों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जन अपेक्षा है कि शासन तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानांतरण के साथ-साथ संपत्ति और कार्यकाल की जांच सुनिश्चित करे, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे।
