रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में चला टीबी मुक्त भारत जन-जागरूकता अभियान

Revanchal
2 Min Read


नरसिंहपुर, 7 मई 2026
रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में “टीबी मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच एवं संपूर्ण इलाज के लिए प्रेरित करना रहा।


इस दौरान रेलवे चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। यदि मरीज बीच में इलाज छोड़ देता है या सही उपचार नहीं कराता, तो सामान्य टीबी आगे चलकर एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी में बदल सकती है, जो अधिक खतरनाक और जटिल होती है।


कार्यक्रम में लोगों को कुपोषण दूर करने, पौष्टिक आहार लेने तथा उन समूहों के बारे में जानकारी दी गई जिन्हें टीबी होने का खतरा अधिक रहता है। साथ ही “डॉट सिस्टम” (DOTS) के माध्यम से टीबी के नियमित और प्रभावी इलाज की जानकारी भी दी गई।


रेलवे चिकित्सक ने बताया कि फेफड़ों में होने वाली टीबी को पल्मोनरी टीबी कहा जाता है, जबकि फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाली टीबी को एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि रीढ़ की हड्डी में होने वाली टीबी को पॉट्स स्पाइन तथा मस्तिष्क में होने वाली टीबी को ट्यूबरक्यूलर मेनिनजाइटिस कहा जाता है, जो अत्यंत गंभीर और जानलेवा हो सकती है।


अंत में चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और पूरा इलाज लेकर टीबी मुक्त जीवन अपनाएं।

👁️ 4 views Views
Share This Article
Translate »