MPJRTC के निर्माण कार्य ने घुघरी की सड़क को बनाया ‘सिंगल लेन डेथ कॉरिडोर’,
दैनिक रेवांचल टाइम्स का सवाल—क्या किसी की जान जाने के बाद ही हटेगी मिट्टी?
दैनिक रेवांचल टाइम्स | घुघरी तहसील मुख्यालय घुघरी में MPJRTC द्वारा कराया जा रहा नाली निर्माण कार्य अब विकास से ज्यादा लापरवाही की पहचान बनता जा रहा है। सड़क किनारे खोदी गई नाली से निकली मिट्टी को हटाने के बजाय उसी सड़क पर छोड़ दिया गया है, जिससे पूरी सड़क सिंगल लेन में तब्दील हो गई है। ऐसे में हर गुजरने वाला वाहन दुर्घटना के साए में सफर करने को मजबूर है।
बारिश के चलते मिट्टी सड़क पर फैल रही है, जिससे फिसलन लगातार बढ़ रही है। दोपहिया वाहन चालक मामूली असंतुलन में भी गिर सकते हैं, जबकि आमने-सामने आने वाले बड़े वाहनों को एक-दूसरे को रास्ता देने में भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। सबसे अधिक खतरा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और पैदल राहगीरों पर मंडरा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है, न रिफ्लेक्टर, न चेतावनी बोर्ड और न ही रात में कोई सुरक्षा व्यवस्था। ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माण एजेंसी ने नाली खोदने तक ही अपनी जिम्मेदारी समझ ली और जनता की सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
सवाल यह है कि विभाग शायद “दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई” की नीति पर काम कर रहा है। जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए, तब तक फाइलें शांत रहती हैं; हादसा होते ही जांच समिति, मुआवजा और जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू हो जाती है। आखिर दुर्घटना रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है या केवल उसके बाद कार्रवाई करना?
यह भी बड़ा प्रश्न है कि यदि इसी मिट्टी के ढेर के कारण कोई एम्बुलेंस फंस जाए, कोई स्कूली बच्चा दुर्घटना का शिकार हो जाए या किसी की जान चली जाए, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? निर्माण एजेंसी, विभागीय इंजीनियर, निगरानी अधिकारी या प्रशासन—आखिर जिम्मेदार कौन होगा?
जनता पूछ रही है—
- निर्माण स्थल से मिट्टी हटाने की जिम्मेदारी किसकी है?
- गुणवत्ता और सुरक्षा का निरीक्षण करने वाले अधिकारी अब तक मौन क्यों हैं?
- क्या कार्य पूर्ण होने तक यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग का दायित्व नहीं है?
- क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?
घुघरी की यह स्थिति केवल एक अधूरी नाली का मामला नहीं, बल्कि सरकारी निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होता है, न कि उन्हें रोज़ाना दुर्घटना के मुहाने पर खड़ा करना।
अब जिला प्रशासन और MPJRTC को केवल निर्माण पूरा कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तत्काल सड़क से मिट्टी हटाकर सुरक्षित यातायात बहाल करना, बैरिकेडिंग एवं चेतावनी संकेत लगाना और कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। अन्यथा यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी नैतिक ही नहीं, प्रशासनिक और कानूनी जिम्मेदारी से भी विभाग बच नहीं सकेगा।
