रेवांचल टाइम्स मंडला/रामनगर गोंडवाना साम्राज्य की ऐतिहासिक धरोहर और जनजातीय गौरव के प्रतीक माने जाने वाले रामनगर स्थित दल बादल महल के संरक्षण को लेकर उठाई गई आवाज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के जिला अध्यक्ष पंकज सोनी द्वारा महल की जर्जर स्थिति और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर की गई शिकायत पर केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
लगभग करीब 350 वर्ष पुराना दल बादल महल गोंडवाना इतिहास और स्थापत्य कला की महत्वपूर्ण विरासत माना जाता है। लेकिन लंबे समय से इस ऐतिहासिक धरोहर की खराब होती स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और इतिहास प्रेमियों में चिंता बनी हुई थी। महल की दीवारों में दरारें, गिरता मलबा, क्षतिग्रस्त संरचना और परिसर में फैली अव्यवस्था लगातार इसके अस्तित्व पर खतरा पैदा कर रही है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष पंकज सोनी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक और संबंधित केंद्रीय अधिकारियों को विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में होने के बावजूद दल बादल महल पर्याप्त देखरेख और संरक्षण से वंचित है। महल के कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं और समय रहते प्रभावी संरक्षण नहीं किया गया तो यह ऐतिहासिक धरोहर अपूरणीय क्षति का शिकार हो सकती है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि प्रतिवर्ष रामनगर में बड़े स्तर पर आदि उत्सव और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन जिस ऐतिहासिक स्मारक की पहचान पर ये आयोजन होते हैं, उसके संरक्षण और स्थायी जीर्णोद्धार को लेकर ठोस प्रयास दिखाई नहीं देते। इससे न केवल धरोहर को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्कृति मंत्रालय और एएसआई जबलपुर सर्कल ने जवाब जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दल बादल महल का संरक्षण प्राचीन स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है तथा उपलब्ध बजट के अनुसार संरक्षण और मरम्मत संबंधी कार्य कराए जाते हैं।
विभाग ने शिकायत में उठाए गए मुद्दों को महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़ा बताते हुए स्थानीय संरक्षण सहायक को स्मारक की सुरक्षा, स्वच्छता और रखरखाव व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐतिहासिक महत्व वाले इस स्मारक के संरक्षण को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष पंकज सोनी ने इसे क्षेत्र की जनता की आवाज और जनहित की लड़ाई की पहली सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा शिकायत को गंभीरता से लेना सकारात्मक कदम है, लेकिन केवल पत्राचार और निर्देशों से काम नहीं चलेगा। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब दल बादल महल के संरक्षण के लिए ठोस कार्य शुरू होंगे और इसके स्थायी जीर्णोद्धार हेतु विशेष बजट स्वीकृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दल बादल महल केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि गोंडवाना साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास, जनजातीय संस्कृति और पूर्वजों की विरासत का प्रतीक है। इसकी सुरक्षा और संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। पंकज सोनी ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से विभाग से पिछले वर्षों में महल के संरक्षण पर खर्च की गई राशि और किए गए कार्यों की जानकारी मांगी जाएगी।
अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर टिकी है कि दिल्ली से जारी हुए निर्देश जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाते हैं। यदि विभाग गंभीरता से संरक्षण कार्य शुरू करता है तो दल बादल महल न केवल सुरक्षित रह सकेगा, बल्कि भविष्य में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकता है। वहीं यदि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रही तो यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे अपने अस्तित्व की लड़ाई हार सकती है।
