
साप्ताहिक बाजार के दिन बिगड़ जाती है व्यवस्था, सड़क किनारे दुकानों से आवागमन बाधित—स्कूली बच्चों को भी उठानी पड़ रही परेशानी
दैनिक रेवांचल टाइम्स घुघरी। तहसील मुख्यालय घुघरी की यातायात व्यवस्था इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। सड़कों पर बेपरवाही से दौड़ते ऑटो, सड़क किनारे लगी दुकानें और बाजार के दिनों में बढ़ता अतिक्रमण आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भी सड़क पर सुरक्षित आवागमन के लिए जूझना पड़ रहा है।
साप्ताहिक बाजार के दिन तो स्थिति और भी बदतर नजर आती है। सड़क के दोनों ओर दुकानें और अस्थायी ठेले लग जाने से सड़क की चौड़ाई सिमट जाती है। इसी बीच ऑटो और अन्य वाहन निकलते हैं, जिससे कई बार जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। भीड़ के बीच तेज गति से निकलने वाले ऑटो हादसे की आशंका को और बढ़ा देते हैं।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल
सबसे गंभीर स्थिति स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को लेकर है। व्यस्त मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और सड़क किनारे फैले अतिक्रमण के कारण बच्चों को कई बार सड़क के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
आखिर यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी किसकी?
सवाल यह है कि घुघरी जैसे तहसील मुख्यालय में यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभाग आखिर कब गंभीर होंगे? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? बाजार क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण पर कार्रवाई और ऑटो के संचालन को लेकर प्रभावी व्यवस्था कब बनाई जाएगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि नियमित निगरानी और सख्ती की जरूरत है। खासकर साप्ताहिक बाजार के दिन यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि आम नागरिकों और स्कूली बच्चों को परेशानी से राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग घुघरी की बदहाल यातायात व्यवस्था को लेकर कब ठोस कदम उठाते हैं, या फिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता रहेगा?
