अनफिट पुलिसकर्मीयो को बीट की जिम्मेदारी

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – सिवनी। जिले के कुछ पुलिस थानों में ऐसे पुलिसकर्मियों की पदस्थापना को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिनकी शारीरिक फिटनेस पर स्थानीय लोगों द्वारा आपत्ति जताई जा रही है। नागरिकों का कहना है कि अत्यधिक मोटापा और शारीरिक अक्षमता के कारण ऐसे कर्मचारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों का पीछा करने तथा आकस्मिक परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने में कठिनाई का सामना कर सकते हैं।


स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ थानों में कार्यरत कुछ कर्मचारियों पर शिकायतों के निष्पक्ष निराकरण के बजाय पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हो रहा है तथा पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं।


जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का कहना है कि पुलिस विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आमजन की सुरक्षा है। यदि थानों में ऐसे कर्मचारी तैनात होंगे जो शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं या जिनके विरुद्ध निष्पक्ष कार्य न करने की शिकायतें हैं, तो अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जनता की प्रमुख चिंताएँ
अपराधियों का पीछा करने एवं मौके पर त्वरित कार्रवाई में कठिनाई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता पर सवाल उठने लाजिमी है।
पीड़ितों की शिकायतों के निष्पक्ष निराकरण को लेकर असंतोष।
पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होने की आशंका।
आमजन में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल।


क्या कहते हैं नियम?
पुलिस सेवा में शारीरिक दक्षता और कार्यकुशलता को महत्वपूर्ण माना जाता है। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण तथा विभागीय मानकों के अनुरूप फिटनेस बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। किसी कर्मचारी की ड्यूटी या पदस्थापना से जुड़े निर्णय संबंधित विभागीय नियमों और सक्षम अधिकारियों के विवेकाधिकार के अधीन होते हैं।


जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि—
थानों में पदस्थ सभी पुलिस कर्मचारियों का समय-समय पर स्वास्थ्य एवं फिटनेस परीक्षण कराया जाए।
जो कर्मचारी फील्ड ड्यूटी के लिए चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त नहीं हैं, उन्हें उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप कार्यालयीन अथवा अन्य उपयुक्त दायित्व दिए जाएँ।
शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए तथा पक्षपात के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील पदों पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम कर्मचारियों की तैनाती को प्राथमिकता दी जाए।


प्रशासन से अपेक्षा
नागरिकों का मानना है कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और कार्यकुशलता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी कर्मचारी की फिटनेस या कार्यशैली को लेकर शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो विभाग को नियमानुसार उनकी जांच कर उचित निर्णय लेना चाहिए, ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।

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