मंडला फोर्ट को टर्मिनल बनाने की तैयारी- मध्य प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके और रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी के बीच हुई सकारात्मक चर्चा

Revanchal
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दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला | 24 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश शासन की पीएचई मंत्री श्रीमती संपतिया उइके और क्षेत्रीय रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी के बीच मंडला जिले के रेल विस्तार को लेकर दूरभाष पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। इस चर्चा में मुख्य रूप से मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर पिटलाइन (Coaching Depot) और लंबी दूरी की ट्रेनों के विस्तार पर जोर दिया गया।

चर्चा के मुख्य बिंदु:

नैनपुर दौरे के बीच उठी मांग: आज नैनपुर में बिलासपुर जोन के जीएम (GM) का दौरा है। इस मौके पर मंत्री जी को अवगत कराया गया कि मंडला से लंबी दूरी की ट्रेनें (दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर) शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा ‘पिटलाइन’ की कमी है। पिटलाइन न होने के कारण जबलपुर की ट्रेनों का विस्तार मंडला तक नहीं हो पा रहा है।

रीवा और दुर्ग का उदाहरण: चर्चा के दौरान तर्क दिया गया कि जिस तरह सतना के पास होने के बावजूद रीवा को टर्मिनल बनाकर विकसित किया गया और रायपुर के पास दुर्ग में पिटलाइन होने से वहां रेल नेटवर्क का विस्तार हुआ, उसी तर्ज पर नैनपुर से महज 42 किमी दूर मंडला फोर्ट को भी विकसित किया जाना अनिवार्य है। भविष्य में नैनपुर जंक्शन का भार कम करने में मंडला की पिटलाइन सहायक होगी।

रेल मंत्री का आश्वासन:” मंत्री संपतिया उइके ने बताया कि उन्होंने मार्च माह में दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से मुलाकात की थी। रेल मंत्री ने मंडला में कोचिंग डिपो/पिटलाइन की मांग को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया था कि मंडला को यह सुविधा दी जाएगी, जिससे दिल्ली और भोपाल के लिए सीधी ट्रेनें मिल सकेंगी।


फिजिबिलिटी चेक के बाद होगा निर्णय: मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि वह स्वयं चाहती हैं कि यह डिपो मंडला फोर्ट में ही बने। हालांकि, जमीन की उपलब्धता और तकनीकी संभावनाओं (Feasibility) की जांच के बाद विभाग यह तय करेगा कि इसे मंडला में बनाया जाए या नैनपुर में।

और अन्य मांग में चालक दल विश्राम गृह (रनिंग रूम),पानी भरने की सुविधा स्टेशन पर रनिंग रूम के लिए लोको पायलट और गार्ड के आराम की सुविधा,पानी भरने की सुविधा लंबी यात्रा के कोचों में पानी भरने के लिए प्लेटफॉर्म पर हाई-प्रेशर पाइपलाइन सिस्टम होना चाहिए।

चर्चा पूरी सकारात्मक रही मंत्री संपतिया उइके से आदिवासी अंचल की जनता की उम्मीदें:
नैनपुर में डबल लाइन का काम शुरू होने के बाद अब मंडला फोर्ट को मुख्य धारा से जोड़ने की मांग तेज हो गई है। यदि मंडला में ‘पिटलाइन’ की सुविधा मिलती है, तो इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के लोगों को सीधे महानगरों के लिए ट्रेनें मिल सकेंगी और व्यापारिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने जनप्रतिनिधि से मांग कर रहे है की – आदिवासी आंचल के लोगो के लिए मंडला फोर्ट को केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि एक विशाल रेलवे हब के रूप में विकसित करने की अत्यंत आवश्यकता है। हमारा विजन बड़ा है क्योंकि आने वाले समय में पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव (श्रीधाम) तक नई रेल लाइन का विस्तार होना अभी बाकी है। जबलपुर मंडल कवर्धा नई रेल लाइन का प्रारंभ भी पहले से रेलवे बोर्ड को दिया गया है मैंने नर्मदा मैकलसुता भोरमदेव रेल कॉरिडोर के रूप में विस्तार किया जाये ,


जब यह प्रस्तावित रेल कॉरिडोर हकीकत बनेगा, तब मंडला इस पूरे क्षेत्र के केंद्र बिंदु के रूप में उभरेगा। यदि आज हम यहाँ पिटलाइन और टर्मिनल जैसी सुविधाएं विकसित कर लेते हैं, तो भविष्य में यह पूरे महाकौशल और आदिवासी अंचल के लिए लाइफलाइन साबित होगा। नैनपुर जंक्शन के बढ़ते बोझ को बांटने और इस पूरे नए रेल नेटवर्क को संभालने के लिए मंडला फोर्ट को एक ‘मेजर हब’ बनाना समय की मांग है।”

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