पानी को तरसती जनता, और मौज में बोरवेल माफिया! कलेक्टर के आदेश की धज्जियां—जिम्मेदारों की संदिग्ध चुप्पी

Revanchal
5
2 Min Read

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला
जिला मंडला के विकासखंड मोहगांव में हालात अब सिर्फ चिंताजनक नहीं, बल्कि शर्मनाक हो चुके हैं। एक तरफ आम जनता पानी के लिए त्राही-त्राही कर रही है—नलों में पानी नहीं, टैंकरों का अता-पता नहीं—और दूसरी तरफ बोरवेल माफिया खुलेआम धरती का सीना चीरने में लगे हैं।


कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए मा भगवती बोरवेल द्वारा बिना अनुमति गांव-गांव घूमकर धड़ल्ले से बोरिंग का काम किया जा रहा है। नियमों को पैरों तले कुचलते हुए यह अवैध खनन ऐसे जारी है मानो प्रशासन नाम की कोई चीज ही नहीं बची हो।


सबसे बड़ा सवाल—क्या जिम्मेदार अधिकारी सो रहे हैं, या जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं?
क्योंकि जिस तरह से खुलेआम यह गोरखधंधा चल रहा है, वह बिना संरक्षण के संभव नहीं लगता। स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा आम हो चली है कि कहीं न कहीं “साठगांठ” के चलते ही यह खेल बेखौफ जारी है।


जब जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, तब जिम्मेदार कुर्सियों पर चैन की नींद सो रहे हैं। न कोई कार्रवाई, न कोई रोक—आखिर किसके इशारे पर यह सब चल रहा है?


यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो यह साफ माना जाएगा कि आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं और जमीनी हकीकत में माफियाओं का राज है।


अब वक्त आ गया है कि जिला प्रशासन जवाब दे—
पानी के लिए जूझती जनता को राहत कब मिलेगी? और अवैध बोरिंग पर लगाम कब लगेगी?

Share This Article
Translate »