जनसुनवाई में फूटा जनाक्रोश, पेसा उल्लंघन से जल संकट तक, कलेक्टर से त्वरित न्याय की गुहार

Revanchal
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दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। बार-बार आवेदन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान न मिलने से जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को जनता के आक्रोश का केंद्र बन गई। अलग-अलग गांवों से पहुंचे सैकड़ों आवेदकों ने कलेक्टर राहुल नामदेव घोटें के समक्ष अपनी व्यथाएं रखीं। कई शिकायतकर्ता तीसरी-चौथी बार जनसुनवाई में पहुंचे थे, जिससे प्रशासनिक दक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।


जनसुनवाई में सबसे गंभीर मामला पेसा नियम-2022 के उल्लंघन का रहा। आवेदकों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभाओं द्वारा पारित 32 तेंदूपत्ता संग्रहण प्रस्तावों में से 20 को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए निरस्त कर दिया गया। साथ ही बिना ग्राम सभा की जानकारी के नीलामी प्रक्रिया पूरी करने का भी आरोप लगाया गया। आवेदकों ने इसे आदिवासी अधिकारों के खिलाफ बताया।


ग्राम पंचायत खुड़िया के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव की लगातार अनुपस्थिति पर तीखा विरोध जताया। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्यों, नल-जल कर्मचारियों के लंबित भुगतान और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सामूहिक इस्तीफा दे दिया जाएगा।


भूमि विवाद और अतिक्रमण की शिकायतें भी प्रमुख रहीं। माली मोहगांव के एक व्यक्ति ने तहसीलदार के आदेश के बावजूद अतिक्रमण न हटाए जाने की शिकायत की, जबकि बरबसपुर क्षेत्र के किसानों ने जबरन कब्जे और फसल बर्बादी की आशंका जताई।


नैनपुर के एक सफाई कर्मी ने बिना कारण सेवा से हटाए जाने का मामला उठाया। घुघरी क्षेत्र के छिवला टोला में अधूरी नल-जल योजना और बिजली कटौती के कारण हो रहे भीषण जल संकट पर भी जोरदार आवाज उठी। तिलईपानी के किसानों ने सड़क निर्माण के दौरान खेतों में मिट्टी-मुर्रम उत्खनन और समतलीकरण न किए जाने की समस्या रखी।


महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन में पात्रता और बीपीएल अंकों में अनियमितताओं के आरोप भी लगे।


जनता की उम्मीद और प्रशासन की चुनौती
जनसुनवाई में उमड़ी भीड़ यह स्पष्ट संकेत दे रही है कि जिले में लंबित समस्याएं गंभीर हैं और उनका समयबद्ध निराकरण नहीं हो पा रहा है। यदि प्रशासन प्रथम चरण में ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे तो न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि जनसुनवाई में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी।

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