रेवांचल टाइम्स छिन्दवाड़ा
शासकीय कन्या शिक्षा परिसर छिंदवाड़ा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन प्रातः ड्रिल एवं पीटी के बाद क्वार्टर गार्ड की तैयारी की गई। इस शिविर में तीन जिलों से आए लगभग 600 एनसीसी कैडेट्स भाग ले रहे हैं।
24 एमपी बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल अमन प्रीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में 11 एनसीसी अधिकारी, 4 जेसीओ, 7 पीआई स्टाफ तथा सिविल स्टाफ के सहयोग से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें शूटिंग अभ्यास, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, गार्ड ऑफ ऑनर, सेक्शन फॉर्मेशन, छद्म युद्धाभ्यास, फायरिंग, मैप रीडिंग, फर्स्ट एड सहित अन्य सैद्धांतिक विषय शामिल हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से कैडेट्स के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
शिविर के अंतर्गत “वन एवं वन्य जीव संरक्षण” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान वन विभाग के विषय विशेषज्ञ ब्रजेश सिंह परिहार ने कैडेट्स को खाद्य श्रृंखला एवं पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में कूनो नेशनल पार्क देश का एकमात्र चीता पुनर्वास एवं संरक्षण क्षेत्र है, जहां वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जीवों का संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि देश में लगभग 25 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जबकि राज्य में यह प्रतिशत 31.25 है। इसे बढ़ाकर 35 से 40 प्रतिशत करने की आवश्यकता है, जिससे जल स्तर में वृद्धि, तापमान नियंत्रण, मृदा संरक्षण तथा मिट्टी के कटाव को रोका जा सके। साथ ही मोर, सर्प, शेर, बाघ, नीलगाय, हिरण, पैंगोलिन, कछुए, तितलियां, उल्लू, बाज और गिद्ध जैसे वन्य जीवों का संरक्षण भी संभव हो सकेगा।
कार्यशाला में 24 एमपी बटालियन के पीआई स्टाफ, एनसीसी अधिकारी एवं सभी कैडेट्स उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं विचारक डॉ. सुरेंद्र ब्राउन ने कैडेट्स के व्यक्तित्व विकास में श्रवण क्षमता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुनकर सीखना और उत्तम साहित्य पढ़ना करियर निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि यह संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 11 मई तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 600 से अधिक कैडेट्स प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं। यह प्रशिक्षण भविष्य में एक बेहतर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
