वेटिंग में सपनों का गला घोंट रही सरकार…? शिक्षक पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों को दर-दर भटकने पर मजबूर, महिला अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश

Revanchal
10
2 Min Read

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी होने के बावजूद वेटिंग सूची में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं होना बड़ा सवाल बनता जा रहा है। एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, दूसरी तरफ शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हजारों अभ्यर्थियों को बेरोजगारी की आग में झोंका जा रहा है।


जानकारी के अनुसार हाल ही में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन वेटिंग सूची में शामिल अभ्यर्थियों को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे बैठा है। सबसे ज्यादा नाराजगी महिला अभ्यर्थियों में देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि सरकार मंचों पर महिला सशक्तिकरण और आरक्षण की बातें तो करती है, लेकिन हकीकत में योग्य महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।


कई महिला अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर वेटिंग सूची में डालकर वर्षों तक इंतजार करवाया जा रहा है। इससे उनके सपने टूट रहे हैं और आर्थिक व मानसिक संकट लगातार बढ़ता जा रहा है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं, तब फिर पात्र और योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने में आखिर देरी क्यों की जा रही है? क्या सरकार सिर्फ घोषणाओं और विज्ञापनों तक ही सीमित रह गई है?


नागरिकों और अभ्यर्थियों ने मांग की है कि वेटिंग सूची में शामिल सभी पात्र महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों की नियुक्ति तत्काल शुरू की जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Share This Article
Translate »