रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले की तहसील मुख्यालय घुघरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल और पेट्रोल के कथित काले कारोबार को लेकर आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी जांच और कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ईंधन की आपूर्ति और बिक्री पर निगरानी रखने वाले विभागों की निष्क्रियता के कारण कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता का लाभ उठाकर मनमाने दामों पर डीजल-पेट्रोल बेचे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
लोगों का कहना है कि जिन अधिकारियों और विभागों को जांच एवं नियंत्रण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे मैदान में नजर नहीं आ रहे हैं। खाद्य विभाग के निरीक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि यदि नियमित निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जाएं तो इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंपों, ईंधन भंडारण स्थलों और अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल बेचने वालों की सघन जांच कराई जाए। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कौन करेगा और जनता को राहत दिलाने की जिम्मेदारी किसकी है? जब तक जिम्मेदार विभाग सक्रिय होकर ठोस कार्रवाई नहीं करते, तब तक आम नागरिकों का शोषण रुकना मुश्किल दिखाई देता है।
जनता की मांग:
डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी की निष्पक्ष जांच हो।
संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाए।
दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जाए।
