वन अधिकार कानून लागू करने में प्रशानिक उदासीनता के खिलाफ रैली

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले के बिछिया तहसील में दिनांक 24/06/26 को जिले के समाजिक संगठन और जन संघर्ष मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में बिछिया मैदान में सभा किया गया और प्रमुख मार्गों से रैली निकाला गया। रैली बिछिया थाने पहुंचने पर 360 लोगों ने शांतिपूर्ण गिरफ्तारी देकर राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया।इस रैली में मवई और बिछिया के दर्जनों गांव से भारी संख्या में महिला- पुरुष शामिल हूए।राज्यपाल को भेजे गये ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मंडला जिला एक आदिवासी बाहुल्य जिला है और जिले के ऐसे कई गांव हैं, जो या तो जंगलों के आसपास है या फिर जंगल के बीच में बसे हैं, जो वन पारिस्थितिकी प्रणाली को बचाने और बनाए रखने के लिए अभिन्न अंग हैं।

इस जिले की एक बड़ी आबादी पर वन अधिकार कानून प्रभाव डालता है। वन अधिकार कानून में दिये प्रावधानों के अन्तर्गत सामुदायिक वन संसाधनों के अधिकारों को लेकर कई बार भोपाल से निर्देश भी प्राप्त हुए हैं और मुख्यमंत्री द्वारा गठित टास्क फोर्स के सदस्यों का क्षेत्र भ्रमण भी हुआ है। जिले में अब तक 10 ग्राम सभाओं ने अपने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावे पत्र उपखंड स्तरीय समिति में जमा किया गया है। जिसमें मवई विकास खंड के वन ग्राम रहंगी, पखवार, सुनहरा, बहरमुंडा पोंड़ी, गैतरा, खमरिया, मोहगांव, वन ग्राम बरगांव, कोलुम गहन और विकास खंड बिछिया का सानी मोवाला गांव शामिल है। इन सामुदायिक वन संसाधनों पर लगाये गये दावों के प्रति मंडला जिला प्रशासन का रवैया बहुत ही निराशाजनक है।

इसके अलावा जिले में हजारों की संख्या में वयक्तिगत वन अधिकार दावे लंबित हैं।कार्यक्रम में बिछिया विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, सम्पत सिंह धुर्वे, अमरू सिंह मरावी, दयाल सिंह चिचाम ,इन्दरपाल पन्दरे, कवलू सिंह मुड़खिया, सुंदर मार्को, रुक्मिणी सुरेश्वर, रागिनी परते, चरण परते, विवेक पवार, जबलपुर के विनोद श्रीवास्तव, समाजिक कार्यकर्ता समाधान पाटील आदि की विशेष उपस्थिति थी।

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