जबलपुर। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर आस्था और श्रद्धा के रंग में सराबोर नजर आई। शहर के प्रमुख नर्मदा तटों तिलवारा घाट और ग्वारीघाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में पुण्य स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।
सोमवती अमावस्या के विशेष महत्व को देखते हुए सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने नर्मदा स्नान के बाद मां नर्मदा का पूजन किया तथा दीपदान कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। घाटों पर “नर्मदे हर” और धार्मिक जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
ग्वारीघाट में शाम के समय आयोजित भव्य नर्मदा आरती ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया। आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की स्तुति में भजन-कीर्तन किए और दीपों की जगमगाहट के बीच अलौकिक दृश्य देखने को मिला। वहीं तिलवारा घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
त्योहार को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा घाटों पर सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, जिससे दर्शन और स्नान करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर नर्मदा तटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि संस्कारधानी जबलपुर में मां नर्मदा के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा आज भी उतनी ही गहरी और अटूट है। मां नर्मदा के जयकारों और आरती की गूंज से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

