अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी भूल गई नगर पालिका, अतिक्रमण के बीच बिजली विभाग ने लगा दिया ट्रांसफार्मर; अब रहवासी भुगत रहे परेशानी
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– शहर के किदवई वार्ड क्रमांक 21 स्थित छिंदवाड़ा रोड पर राधिका सेल्स एवं मां धर्म कांटा के बीच स्थित लगभग 30 फीट चौड़ी सार्वजनिक सड़क आज प्रशासनिक उदासीनता और विभागीय समन्वय की कमी का उदाहरण बनकर रह गई है। सड़क के दोनों ओर हुए अतिक्रमण और बीच मार्ग में स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर के कारण क्षेत्र के 15 से 20 परिवारों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। समस्या से परेशान रहवासियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अतिक्रमण से सिकुड़ गई सार्वजनिक सड़क
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि सार्वजनिक सड़क पर वर्षों से धीरे-धीरे अतिक्रमण होता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप 30 फीट चौड़ी सड़क अब आधे से भी कम रह गई है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का एक साथ निकलना भी मुश्किल हो गया है।
बीच सड़क ट्रांसफार्मर और ट्रकों की आवाजाही बनी बड़ी समस्या
रहवासियों के अनुसार सड़क के बीचों-बीच स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर के आसपास भारी वाहन और ट्रक खड़े कर लोडिंग-अनलोडिंग की जाती है। इससे कई बार घंटों तक आवागमन प्रभावित रहता है और बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आपातकालीन सेवाओं के प्रवेश पर भी संकट
क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई है कि यदि किसी दिन आग लगने, दुर्घटना होने या किसी गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ जाए तो एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों का क्षेत्र में प्रवेश करना बेहद कठिन हो जाएगा। संकरी हो चुकी सड़क भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
संयुक्त निरीक्षण और वैधानिक कार्रवाई की मांग
रहवासियों ने नगर पालिका और बिजली विभाग से संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने, ट्रांसफार्मर को सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का सवाल – आखिर जिम्मेदार कौन?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक सड़क की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, वहीं विद्युत अधोसंरचना का निर्माण और सुरक्षा बिजली विभाग के दायरे में आती है। ऐसे में दोनों विभागों की निष्क्रियता का खामियाजा आम नागरिकों को क्यों भुगतना पड़ रहा है, इसका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना चाहिए।
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी मामला उठाएंगे।
