केवलारी में गूंजी शहनाई: धूमधाम से संपन्न हुआ भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह

Revanchal
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दैनिक रेवाँचल टाईम्स – पनागर। ग्राम केवलारी में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का प्रसंग अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ सुनाया गया। कथा के दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह की रस्में शुरू हुईं, पूरा पंडाल मंगल गीतों और जयकारों से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के इस दिव्य विवाह उत्सव में जमकर नृत्य किया और पुष्प वर्षा की।


भक्ति और उल्लास का संगम
कथा वाचक पंडित श्री रमाकांत पौराणिक जी महाराज ने रुक्मणी विवाह के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रुक्मणी जी साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं और उनका भगवान कृष्ण से मिलन जीव का परमात्मा से मिलन है। उन्होंने कहा कि जो भक्त इस विवाह प्रसंग को श्रद्धापूर्वक सुनते हैं, उनके पारिवारिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य का आगमन होता है। कथा के दौरान आकर्षक झांकी सजाई गई थी, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।


भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह के इस विशेष प्रसंग को सुनने के लिए केवलारी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। विवाह के बाद भव्य आरती की गई और सभी को विशेष प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में तिवारी परिवार सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। आगामी दिनों में कथा के अन्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।

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