प्रशासनिक उदासीनता के आरोप, गांव से शहर तक फैल रहा अवैध धंधों का जाल
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में क़ानून व्यवस्था नाम की चीज़ ही दिखाई नही पड़ रही है जहाँ सरेआम जिम्मेदार विभाग आबकारी, पुलिस विभाग और खनिज विभाग की नाक के नीचे ही सब चल रहा है जहाँ आम जनता इन बेलगाम अबैध व्यवसाय से परेशान है और सीधे साधै लोगों का जीना दुभर हो चुका है और जिले में विधायक सांसद और मंत्री भी सब जान कर अनजान बने बैठे है या फिर इन अबैध व्यापार से इन का निजी स्वर्थ सिद्ध होता है।
आज जिले के मंडला, निवास, नैनपुर पिंडरई, चिरोडोंगरी, बम्हनी, भुआ बिछिया, मवई, बीजाडांडी और नारायणगंज जैसे जगहो में सट्टा, जुआ और अवैध शराब के कारोबार के लगातार बढ़ते दायरे को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों के खुलेआम संचालित होने के आरोप लग रहे हैं, जबकि इन्हें रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है।
वही स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई क्षेत्रों में लंबे समय से सट्टा, जुआ और अवैध शराब का कारोबार संचालित हो रहा है। विशेष रूप से नैनपुर तहसील मुख्यालय, ग्राम डीठोरी, पाठा और सिहोरा सहित अन्य क्षेत्रों में इन गतिविधियों के व्यापक रूप से संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर खुलेआम सट्टा खिलाया जा रहा है और अवैध शराब की बिक्री भी जारी है।
बताया जाता है कि इन मामलों को लेकर समय-समय पर समाचार प्रकाशित होने और शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के अभाव में अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं और उनका नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।
जिला मुख्यालय मंडला में भी अवैध गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि सार्वजनिक स्थानों और कुछ चिन्हित क्षेत्रों में जुआ और सट्टे का कारोबार जारी है, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। युवाओं के इन गतिविधियों की ओर आकर्षित होने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध कारोबार और अधिक फैल सकता है। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन से मांग की है कि जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर सट्टा, जुआ और अवैध शराब के कारोबार और नगर के अंदर मौत का तांडव कर रहे ओवरलोडिंग वाले रेत के डंफर, टेक्टर पूरे दिन रात आतंक फैला रखे हुए है और शाम होते ही नगर के अंदर गली गली के अंदर दिखाई पड़ते है, इन अवैध व्यवसाय में लिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी एवं परिणामकारी कार्रवाई की जाए।
जनता की प्रमुख मांगें
अवैध सट्टा और जुआ रेत का संचालन करने वालों की पहचान कर कार्रवाई।
अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर सख्त रोक लगाने की आवश्कता है जहाँ पुलिस विभाग के द्वारा कभी कभार छोटी मोटी कार्यवाही तो की ही जाती है पर अन्य विभाग तो कोमे में दिखाई पड़ रहे है और आमजनों को परेशान कर रहे हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त।
प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच।
जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर अवैध कारोबार पर अंकुश।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिले में आये नए कलेक्टर साब और पुलिस कप्तान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और सामाजिक वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन को शीघ्र ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि जिले में बढ़ रहे अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
