वनग्राम के दूरस्थ अंचलों में औपचारिकता निभाने खोले जा रहे स्कूल, स्टॉफ रहता है नदारत
बजाग – शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में नियमित शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देशों के बावजूद वनग्राम तांतर स्थित एकीकृत माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को लापरवाही का मामला सामने आया। विद्यालय परिसर में बच्चों के बैठने वाले भवन पर ताला लटका मिला, जबकि दोपहर लगभग एक बजे तक प्रधानाध्यापक विद्यालय नहीं पहुंचे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यालय में केवल एक अंशकालीन कर्मचारी मौजूद था, जिसने औपचारिकता के तौर पर प्रधानाध्यापक कक्ष का ताला खोल रखा था। वहीं विद्यार्थियों के लिए निर्धारित कक्ष बंद होने से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अक्सर समय पर स्कूल नहीं पहुंचते, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है। उनका कहना है कि कार्यवाही के अभाव में जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता का लाभ उठाकर विद्यालय में लापरवाही लगातार जारी है।
गौरतलब है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद शिक्षा विभाग ने 8 जून से विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य की है। इसके बावजूद दूरस्थ वनग्रामों के कुछ विद्यालयों में केवल औपचारिक रूप से स्कूल खोले जा रहे हैं, जबकि शिक्षक अनुपस्थित पाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जुलाई से नए प्रवेशों के साथ विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने वाली है। ऐसे में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही शिक्षकों की लापरवाही बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। बताया जाता है कि तांतर विद्यालय में पदस्थ प्रधानाध्यापक मुख्यालय में निवास नहीं करते और लगभग 25 किलोमीटर दूर से आना-जाना करते हैं, जिससे विद्यालय की नियमित व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
