तीन टैंकर देकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कमलनाथ, जनता मांग रही जवाब: शेषराव यादव

Revanchal
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​जल संकट में दिखावे की राजनीति नहीं, जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता थी: भाजपा जिलाध्यक्ष

​छिंदवाड़ा को संकट की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी, कांग्रेस समन्वय बनाती तो जनता को मिलती बड़ी राहत

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

पेयजल संकट के बीच राजनीति गरमा गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने जल संकट को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रचार-प्रसार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि छिंदवाड़ा की जनता दिखावे और श्रेय की राजनीति नहीं, बल्कि संकट के समय संवेदनशील और परिणाम देने वाला नेतृत्व चाहती है। भीषण जल संकट के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक कमलनाथ द्वारा मात्र तीन पानी के टैंकर उपलब्ध कराकर उसे जनसेवा का बड़ा उदाहरण बताना वास्तविकता से परे और जनभावनाओं के साथ मजाक है।
निगम के पास पहले से 65 टैंकर, 3 का भारी प्रचार क्यों?
​शेषराव यादव ने आंकड़ों के साथ कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा के पास पहले से ही लगभग 65 पानी के टैंकर उपलब्ध हैं। ऐसे में मात्र तीन अतिरिक्त टैंकर देकर उसका व्यापक प्रचार करना समझ से परे है।

भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा,
​आश्चर्य की बात तो यह है कि जिन टैंकरों को जनसेवा के नाम पर सौंपा गया, उनके संचालन के लिए आवश्यक ट्रैक्टर तक की व्यवस्था नहीं की गई। यदि वास्तव में उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना होता, तो टैंकरों के साथ उनके संचालन और प्रभावित क्षेत्रों तक नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाती।

मैदान से गायब रहे जनप्रतिनिधि, भूमिका रही प्रतीकात्मक
​भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब पूरा शहर पानी की बूंद-बूंद के लिए जूझ रहा था, तब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल प्रतीकात्मक रही। विधायक होने के नाते कमलनाथ से जनता की अपेक्षाएं स्वाभाविक रूप से अधिक थीं, किंतु दुर्भाग्य से संकट के समय वे मैदान से दूर रहे। जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल बयान देना या फोटो खिंचवाना नहीं, बल्कि स्वयं मैदान में उतरकर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना और व्यवस्थाओं की निगरानी करना होता है।

​समन्वय में विफल रहे नगर निगम अध्यक्ष
​शेषराव यादव ने नगर निगम अध्यक्ष को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी से विमुख नहीं हो सकते। यदि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भाजपा के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के साथ समय रहते तालमेल बैठाते, तो जल संकट के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने सहयोग और समाधान की राजनीति के स्थान पर विरोध और प्रचार को प्राथमिकता दी।

भाजपा प्रचार नहीं, सेवा की राजनीति में विश्वास रखती है
​यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेशभर में पेयजल संकट से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए हैं। स्थानीय प्रशासन निरंतर प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहा है। भाजपा के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता बिना किसी प्रचार की अपेक्षा के निरंतर जनता के बीच रहकर राहत पहुंचाने में जुटे हैं।
​उन्होंने अंत में तंज कसते हुए कहा कि छिंदवाड़ा की जनता अब केवल ‘फोटो सेशन’ और ‘प्रचार’ से प्रभावित होने वाली नहीं है। केवल तीन टैंकर देकर, वह भी बिना उनके संचालन की समुचित व्यवस्था किए, जनता की प्यास नहीं बुझाई जा सकती। जल संकट जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व, दूरदृष्टि और सामूहिक उत्तरदायित्व ही वास्तविक समाधान है।

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