वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने की दिशा में बड़ा कदम, घुघरी में वनरक्षक, पटवारी और पंचायत सचिवों को मिला विशेष प्रशिक्षण

Revanchal
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रेवांचल टाइम्स मंडला – तहसील मुख्यालय घुघरी में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तित करने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सचिन जैन के मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसमें वन विभाग, राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।


कार्यशाला में घुघरी एवं मोहगांव क्षेत्र के वनरक्षकों, पटवारियों तथा ग्राम पंचायत सचिवों को वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में परिवर्तन की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी, सीमांकन, नक्शा एवं खसरा संबंधी कार्यों की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को समयबद्ध और त्रुटिरहित बनाना रहा।


मुख्य प्रशिक्षक के रूप में जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक रंजीत गुप्ता ने प्रतिभागियों को शासन के दिशा-निर्देशों, कानूनी प्रावधानों तथा राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन की विस्तृत प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से वन ग्रामों के निवासियों को भूमि संबंधी अधिकार दिलाने और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने नक्शों के सत्यापन, सीमांकन, अभिलेखों के संधारण और आवश्यक दस्तावेजों को समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर तकनीकी त्रुटि या विलंब न हो, जिससे संपरिवर्तन की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
अधिकारियों ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलना शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। इस पहल से वन क्षेत्रों में निवासरत जनजातीय एवं अन्य परिवारों को वैधानिक अधिकार प्राप्त होंगे, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यशाला में अनुविभाग एवं विकासखंड स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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