शराब दूकान बन्द, हाथों में जाम बाहों में लड़कियां रंग रलिया शुरू शराब ठेके में कथित अय्याशी का वीडियो वायरल, आबकारी विभाग बना मूकदर्शक!

Revanchal
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ठेके के अंदर कर्मचारियों के साथ लड़कियों के साथ के नाचने-गाने और रंगरलियां मनाने के दावे से मचा हड़कंप, सवाल—शराब दुकान है या अय्याशी का अड्डा?

दैनिक रेवांचल टाइम्स — मंडला।
मंडला जिले में शराब ठेकेदारों की मनमानी और बेलगाम ठेकेदार को जिला आबकारी विभाग के खुले संरक्षण के चलते आये दिन आरोपों के बीच इनका काम चल रहा है वही ताजा मामला अब ग्राम अजनिया में संचालित शराब दुकान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा सामने आया है। वीडियो को लेकर बताया जा रहा है कि शराब दुकान बंद होने के बाद दुकान के अंदर ठेकेदार के कर्मचारी युवतियों के साथ नाच-गाने और कथित रंगरलियां मनाते नजर आ रहे हैं। ओर वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस स्थान में हाथों में जाम बाहों में लड़कियां और कमरे में रखी शराब की पेटियां


यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां वास्तव में शराब दुकान के भीतर की हैं, तो यह केवल शराब ठेकेदार के कर्मचारियों की हरकत नहीं, बल्कि आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सीधा सवाल है।
शराब की दुकान या रात की रंगीन महफिल?


वही जिस स्थान को शराब बिक्री के लिए लाइसेंस दिया गया है, वहां दुकान बंद होने के बाद कथित रूप से युवतियों को बुलाकर नाच-गाने और अय्याशी का माहौल बनाया जा रहा है—तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ठेकेदार को इतनी छूट किसने दे रखी है?
वीडियो में कथित रूप से शराब दुकान के कर्मचारियों के साथ युवतियां नजर आ रही हैं और वहां मनोरंजन के नाम पर ऐसा माहौल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिसने पूरे शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
क्या आबकारी विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी? या फिर सब कुछ सामने होने के बावजूद विभाग ने आंखें बंद कर रखी हैं?

ठेकेदार के कर्मचारी मौज में, खाकी खामोश!

वही जानकारी के अनुसार जिले में शराब दुकानों की निगरानी की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है। लेकिन अजनिया से सामने आए इस कथित वीडियो ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन में शराब कारोबार और रात में कथित रंगीन महफिल—यदि यह सब शराब दुकान के भीतर हो रहा है तो लाइसेंसधारी शराब दुकान के संचालन पर निगरानी आखिर कौन कर रहा है?
क्या विभागीय अधिकारी कभी अचानक निरीक्षण करते हैं?
क्या दुकान बंद होने के बाद वहां कौन रहता है, इसकी जांच होती है?
क्या दुकान परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनका रिकॉर्ड देखा जाता है? या फिर शराब ठेकेदारों को लाइसेंस मिलने के बाद विभाग की जिम्मेदारी केवल राजस्व वसूली तक रह गई है?

वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल?

वही सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अजनिया शराब दुकान के अंदर लड़कियों के साथ रंग रलिया मना रहे ठेकेदार के कर्मचारियों जो सोशल मीडिया पर वीडियो आम लोगों तक पहुंच सकता है, तो आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था तक यह जानकारी क्यों नहीं पहुंची?
जनता वीडियो देख रही है, सोशल मीडिया पर सवाल उठा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कथित रूप से मूकदर्शक बना हुआ है।
यही चुप्पी अब संदेह को और गहरा कर रही है।
यदि वीडियो गलत है तो विभाग तत्काल जांच कर सच्चाई सामने लाए।
यदि वीडियो सही है तो जिम्मेदार कर्मचारियों और संचालक के खिलाफ कार्रवाई करे। लेकिन चुप्पी अब किसी जवाब का विकल्प नहीं हो सकती।
स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन भी जवाब दे अब मामला केवल आबकारी विभाग तक सीमित नहीं रह गया है। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि शराब दुकान के अंदर रात के समय इस तरह की गतिविधियां किसकी अनुमति से चल रही थीं। यदि दुकान के भीतर नियम विरुद्ध गतिविधियां संचालित पाई जाती हैं तो संबंधितों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता का सवाल साफ है—
क्या आबकारी विभाग ठेकेदार की कथित अय्याशी पर लगाम लगाएगा?
क्या स्थानीय पुलिस शराब दुकान की गतिविधियों की जांच करेगी?
क्या जिला प्रशासन इस वायरल वीडियो को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराएगा? या फिर ठेकेदारों की पहुंच के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र खामोश रहेगा?
शराब ठेका बना कथित अय्याशी का अड्डा तो जिम्मेदार कौन?
सरकार शराब दुकान को शराब बेचने का लाइसेंस देती है, रात की कथित रंगीन महफिल चलाने का नहीं।
यदि जांच में यह साबित होता है कि शराब दुकान के भीतर लाइसेंस की शर्तों और कानून के विपरीत गतिविधियां संचालित हो रही थीं, तो यह केवल कर्मचारियों की गलती नहीं होगी। फिर यह भी जांच का विषय होगा कि संबंधित अधिकारियों ने अपनी निगरानी की जिम्मेदारी कितनी ईमानदारी से निभाई।
वही मंडला की जनता अब सिर्फ वीडियो देखकर चर्चा नहीं करना चाहती। जनता कार्रवाई चाहती है।
अब आबकारी विभाग की परीक्षा—ठेकेदार बड़ा या कानून?
अजनिया शराब दुकान से सामने आए कथित वीडियो ने आबकारी विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
ठेकेदार और उसके कर्मचारी यदि शराब दुकान को अपनी निजी महफिल का अड्डा समझ रहे हैं तो अब उन्हें रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?
अगर विभाग कार्रवाई करता है तो जनता को भरोसा होगा कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। लेकिन अगर वीडियो वायरल होने के बाद भी अधिकारी चुप रहे, तो यह सवाल और तीखा होगा कि क्या मंडला में शराब ठेकेदारों के लिए अलग कानून और आम जनता के लिए अलग व्यवस्था है?
अब निगाहें आबकारी विभाग, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन पर हैं।
देखना यह है कि अजनिया के शराब ठेके में कथित रंगरलियों पर लगाम लगती है या फिर वायरल वीडियो भी बाकी शिकायतों की तरह सरकारी फाइलों में दबकर रह जाता है।
नोट: रेवांचल टाईम्स वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों और उसके स्थान/समय की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविकता संबंधित विभाग की निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट होगी।

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