रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रखे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला।
महाकौशल क्षेत्र में रेल और सड़क विकास को लेकर लगातार सक्रिय रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह पिछले छह वर्षों से इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन के निवास पर रेलवे और सड़क विकास को लेकर एक विस्तृत बैठक की, जिसमें क्षेत्र के विकास के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया। बताया गया कि मंडला फोर्ट को विश्वस्तरीय टर्मिनल स्टेशन का दर्जा मिलने के बावजूद यहां रेल विस्तार आज भी अधूरा है।
स्टेशन के विकास के लिए प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में अथर्व सिंह ने कई अहम प्रस्ताव रखे, जिनमें अतिरिक्त लूप और साइडिंग लाइन का निर्माण, रेक पॉइंट को स्थानांतरित कर प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 और 4 का निर्माण, तथा सभी ट्रेनों की सफाई और रखरखाव के लिए तकनीकी अमले की स्थापना शामिल है। इसके अलावा मंडला–सिवनी–छिंदवाड़ा–अमला (लगभग 295 किमी) रेल मार्ग के दोहरीकरण की भी मांग रखी गई।
ट्रेनों के विस्तार की मांग
मंडला फोर्ट तक कई ट्रेनों के विस्तार का प्रस्ताव भी रखा गया, जिनमें प्रमुख रूप से
इंदौर–नैनपुर पेंचवेली एक्सप्रेस को नैनपुर से मंडला फोर्ट तक बढ़ाने की मांग की गई, क्योंकि यह ट्रेन नैनपुर में करीब 11.30 घंटे खड़ी रहती है।
पातालकोट एक्सप्रेस का विस्तार सिवनी से मंडला फोर्ट तक किया जाए।
सिवनी–बैतूल पैसेंजर और छिंदवाड़ा–नैनपुर पैसेंजर ट्रेनों का विस्तार भी मंडला फोर्ट तक किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
साथ ही नैनपुर और मंडला के बीच प्रतिदिन 4 से 5 फेरे पैसेंजर ट्रेनों के संचालन तथा जबलपुर–नैनपुर पैसेंजर ट्रेन का रात्रिकालीन विस्तार मंडला फोर्ट तक करने की मांग भी रखी गई।
नई ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव
बैठक में क्षेत्रीय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी की गई। इनमें
मंडला से नागपुर, पुणे और बेंगलुरु तक कान्हा एक्सप्रेस
मंडला से भोपाल, उज्जैन और इंदौर तक नर्मदा महाकाल एक्सप्रेस
मंडला–इतवारी नियमित एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन
जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
नई ब्रॉडगेज रेल परियोजनाओं पर जोर
अथर्व सिंह ने मंडला क्षेत्र के लिए कई नई ब्रॉडगेज रेल परियोजनाओं को भी आवश्यक बताया। इनमें प्रमुख रूप से
गोटेगांव–घंसौर–मंडला–डिंडोरी–अमरकंटक–पेंड्रा (260 किमी)
बिलासपुर–मुंगेली–मंडला–जबलपुर (372 किमी)
राजनांदगांव–बेमेतरा–कवर्धा–मंडला–जबलपुर (430 किमी)
रायपुर–कवर्धा–मंडला–जबलपुर (लगभग 459 किमी)
जैसी परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति और क्रियान्वयन की मांग रखी गई।
सड़क विकास पर भी रखे गए सुझाव
बैठक में रेल के साथ-साथ सड़क विकास पर भी चर्चा हुई। इसमें मंडला–घंसौर–लखनादौन मार्ग को 4 लेन हाईवे बनाने, मंडला–नैनपुर–सिवनी मार्ग का चौड़ीकरण, तथा NH-543 सहित कई प्रमुख सड़कों को 4 लेन में परिवर्तित करने की मांग की गई।
रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह का कहना है कि यदि इन परियोजनाओं को अमल में लाया जाता है तो महाकौशल क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मंडला जिले का विकास तेज गति से होगा।
