रेवांचल टाइम्स बिछिया मंडला नगर के वार्ड क्रमांक-06 भड़ंगा स्थित सार्वजनिक हनुमान मंदिर परिसर में अतिक्रमण और सार्वजनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जाने का मामला सामने आया है। मोहल्लावासियों ने इस संबंध में तहसीलदार बिछिया को शिकायत सौंपकर मंदिर परिसर से कब्जा हटाने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।शिकायत में बताया गया है कि वार्ड क्रमांक-06 भड़ंगा स्थित सार्वजनिक हनुमान मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
लेकिन मंदिर परिसर की भूमि असमतल होने के कारण कार्यक्रमों के दौरान टेंट और अन्य व्यवस्थाएं करने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए मोहल्लावासियों ने आपसी सहयोग और चंदे के माध्यम से मिट्टी एवं मुर्रम की व्यवस्था की, ताकि मंदिर परिसर का समतलीकरण कराया जा सके तथा वहां वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा सके।मोहल्लावासियों का आरोप है कि जब भी मंदिर परिसर में कोई सार्वजनिक कार्य या विकास कार्य कराने का प्रयास किया जाता है, तब वार्ड के ही निवासी सुनहरे सिंह राजपूत एवं उनके पुत्र रूपेश राजपूत द्वारा विरोध किया जाता है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दोनों लोग मंदिर परिसर को अपना कब्जा बताकर कार्य रुकवाने का प्रयास करते हैं और सार्वजनिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न करते हैं।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा मंदिर परिसर में ईंट, रेत तथा अन्य निर्माण सामग्री रखकर कब्जा जमाने का प्रयास किया जाता है। इतना ही नहीं, परिसर में उगी हरी-भरी झाड़ियों और पेड़-पौधों को भी बिना किसी वैधानिक अनुमति के काट दिया गया।
इससे मंदिर परिसर का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हुआ है और स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।मोहल्लावासियों का कहना है कि करीब एक माह पूर्व तहसीलदार के आदेश पर मंदिर परिसर में किए गए अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ और पुनः परिसर में सामग्री रखकर कब्जा करने का प्रयास जारी है।
लोगों का आरोप है कि मंदिर परिसर को लेकर विवाद खड़ा कर सार्वजनिक कार्यक्रमों को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है।स्थानीय नागरिकों ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि जब मंदिर परिसर में विकास कार्य करने या कार्यक्रम आयोजित करने की बात की जाती है, तब विरोध करने वाले लोगों द्वारा अपशब्दों का प्रयोग किया जाता है तथा विवाद की स्थिति निर्मित की जाती है।
इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन रहा है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मोहल्लावासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार का अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। साथ ही सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करने, विकास कार्यों में बाधा डालने तथा बिना अनुमति पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में मोहल्लावासियों द्वारा तहसीलदार बिछिया को लिखित शिकायत सौंप दी गई है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध राजस्व एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
