सड़क पर टूट पड़ा पूरा गांव,
समस्या बताते सड़क पर गश खाकर गिरी महिला,
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – तहसील अंतर्गत वनग्राम के आदर्श ग्राम चांडा में सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा, जब पूर्व में दी गई शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। नाराज हजारों महिला-पुरुष सुबह करीब 8 बजे शहडोल-पंडरिया मुख्य मार्ग पर पहुंचकर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। भूखे-प्यासे ग्रामीणों ने लगभग 5 घंटे तक सड़क जाम रखा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने 2 अप्रैल को बजाग तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम रामबाबू देवांगन को लिखित ज्ञापन सौंपा था, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि 6 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो चक्काजाम किया जाएगा। इसके बावजूद प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

कलेक्टर को बुलाने पर अड़े रहे ग्रामीण
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक कलेक्टर मौके पर आकर उनकी समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे शाम तक या अगले दिन तक भी धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान “जिला प्रशासन होश में आओ” जैसे नारे लगते रहे और तीनों दिशाओं से आने-जाने वाले मार्ग पूरी तरह जाम हो गए।
प्रशासन की समझाइश भी रही बेअसर
जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार भरत सिंह बट्टे और थाना प्रभारी शिवलाल मरकाम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक बातचीत चलती रही, पर कोई समाधान नहीं निकल सका।
एसडीएम के आश्वासन के बाद खुला जाम
बाद में नवागत एसडीएम अक्षय डिगसरे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब दोपहर 1 बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। इस दौरान एसडीओपी विवेक कुमार गौतम, टीआई शिवलाल मरकाम, टी आई अमृत तिग्गा सहित बजाग और गाड़ासरई थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। ग्राम सरपंच गोविंद बोरकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
समस्याओं के समाधान न होने से मजबूर हुए ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि आदर्श ग्राम घोषित होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। नेटवर्क की कमी के कारण मनरेगा मजदूरों को रोजाना ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कराने दूर जाना पड़ता है, जिससे समय और मजदूरी दोनों प्रभावित हो रहे हैं। वहीं एक वर्ष पूर्व जल निगम द्वारा बिछाई गई नल-जल योजना की पाइपलाइन अधूरी छोड़ दी गई है, जिसके कारण भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि करोड़ों की लागत से अस्पताल भवन तो बना है, लेकिन वहां डॉक्टर की पदस्थापना नहीं होने से लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा। इसी तरह पशु चिकित्सालय जर्जर अवस्था में है और चपरासी के भरोसे संचालित हो रहा है। पंचायत भवन निर्माण की मांग भी लंबे समय से लंबित है, वहीं ग्रामीण वर्तमान सचिव को यथावत रखने की मांग भी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोग तीनों मार्गों पर घंटों बैठे रहे और कोई भी वाहन को पार नहीं होने दे रहे थे इस बीच कई वाहनो में सवार परेशान हो रहे मुसाफिर प्रदर्शनकारियों से वाहन जाने देने की बात पर बहस करते नजर आए। लोगो ने परिवर्तित मार्ग से जाने की सलाह दी।
गश खाकर गिरी महिला
सड़क पर प्रदर्शन कर रहे विशाल जनसमूह को जब प्रशासन के अधिकारी हाईवे से जाम हटाने की समझाइश दे रहे थे तभी एक महिला का स्वास्थ्य बिगड़ गया। अपनी पीड़ा बताते हुए वह चक्कर खाकर सड़क पर अचानक गिर पड़ी। जिसे प्रशासन के अधिकारी और ग्रामीणों ने उठाकर पानी पिलाया तब कही जाकर महिला की हालत में सुधार हुआ महिला

ने बताया कि पूर्व में उसके बारह नग पालतू मवेशी चोरी हो चुके है शिकायत करते थक चुकी है आज तक समाधान नहीं हुआ है।मजदूरी भुगतान भी समय पर नहीं मिल पाता जिससे उसके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
