सिल्वर स्क्रीन पर छाया ‘बच्चा गैंग’ का जादू, फिल्म देख रोमांचित हुए विद्यार्थी

Revanchal
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​मां-बाप ही असली ‘सुपरहीरो’, डिजिटल दुनिया छोड़ मिट्टी से जुड़ने का संदेश दे रही फिल्म

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

शहर के खेल प्रमोटर इंद्रजीत सिंह बैस और वंशमणि शर्मा के निर्माण में बनी फिल्म ‘बच्चा गैंग’ इन दिनों जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के बच्चों के लिए यह फिल्म एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है। सोमवार को विद्या भूमि पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने फिल्म देखी, जहां सिनेमा हॉल के अंदर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।

​दिल को छू गई ‘पारिवारिक’ कहानी
​लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर बच्चों के लिए आई इस फिल्म को दर्शकों का शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। फिल्म देखकर निकले विद्यार्थियों ने एक स्वर में कहा कि यह मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि दिल को छूने वाली एक पारिवारिक गाथा है। विद्यार्थियों का मानना है कि इस फिल्म को हर माता-पिता को अपने बच्चों के साथ जरूर देखना चाहिए।

​सुपरहीरो की नई परिभाषा
​विद्यार्थियों ने फिल्म के संदेश पर चर्चा करते हुए बहुत ही मार्मिक बात कही। छात्राओं का कहना था ​हम अक्सर स्क्रीन पर काल्पनिक सुपरहीरो ढूंढते हैं, लेकिन असल जिंदगी के सुपरहीरो हमारे माता-पिता हैं। उनके पास कोई स्पेशल कॉस्ट्यूम या जादुई ताकत तो नहीं है, पर वे हमारी हर मुश्किल को चुटकियों में हल कर देते हैं। फिल्म ने हमें समय रहते उनकी अहमियत समझना सिखाया है।

​मिट्टी से जुड़ाव और दोस्ती की मिसाल
​आज की डिजिटल होती दुनिया में यह फिल्म बच्चों को मोबाइल और गैजेट्स से बाहर निकलकर ‘मिट्टी से जुड़ाव’ के फायदे बताती है। साथ ही, फिल्म में ‘दोस्ती’ के सही मायनों को बहुत ही खूबसूरती से फिल्माया गया है। शिक्षाप्रद होने के साथ-साथ यह फिल्म बच्चों को अपनी जड़ों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करती है।

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