बस स्टैंड बना अराजकता का अड्डा? महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल, क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

Revanchal
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सार्वजनिक शौचालय और पेयजल टंकी के सामने कथित अवैध ऑटो स्टैंड, जुआ-शराबखोरी के आरोप;

नागरिकों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

दैनिक रेवांचल टाइम्स | निवास
निवास मुख्यालय का बस स्टैंड, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री, छात्र-छात्राएं और महिलाएं आवागमन करती हैं, आज अव्यवस्था और कथित असामाजिक गतिविधियों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सार्वजनिक शौचालय एवं पेयजल टंकी के सामने कथित रूप से अवैध तरीके से ऑटो खड़े किए जाते हैं, जिससे न केवल आवागमन बाधित होता है बल्कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


महिलाओं में असुरक्षा की भावना
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय के आसपास कुछ लोगों का नियमित जमावड़ा लगा रहता है। आरोप है कि इस कारण महिलाओं और छात्राओं को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है तथा अभद्र टिप्पणियों और छेड़छाड़ जैसी शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। यदि यह स्थिति सही है, तो यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।


जुआ और शराबखोरी के आरोप
नागरिकों का आरोप है कि बस स्टैंड परिसर और उसके आसपास खुलेआम जुआ खेलने तथा शराब सेवन जैसी गतिविधियां भी होती हैं। इससे यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।


यात्रियों को हो रही परेशानी
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर कथित अवैध ऑटो खड़े रहने से यात्रियों को बसों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। पेयजल टंकी और सार्वजनिक शौचालय के आसपास भीड़भाड़ रहने से स्वच्छता और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।


बड़े हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


नागरिकों की प्रमुख मांगें
बस स्टैंड परिसर से कथित अवैध ऑटो स्टैंड हटाया जाए।
सार्वजनिक शौचालय और पेयजल टंकी के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाए।
असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाए।
बस स्टैंड परिसर में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
महिलाओं, छात्राओं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी एवं निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।

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