लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई में आज होगा चातुर्मासिक कलश स्थापना समारोह

Revanchal
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आर्यिका संघ के मंगल सान्निध्य में धर्म, ज्ञान और साधना का होगा शुभारंभ


दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला
मंडला जिले की पावन लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई आज 30 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन की साक्षी बनेगी। यहां परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज एवं पूज्य आचार्य श्री समयसागरजी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या परम वंदनीय आर्यिका मां अनंतमति माताजी के संघस्थ वंदनीय आर्यिका मां विमलमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में चातुर्मासिक कलश स्थापना समारोह संपन्न होगा।


यह पावन आयोजन श्रद्धालुओं के लिए धर्म, साधना, स्वाध्याय और आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। चातुर्मास के दौरान आर्यिका संघ के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक प्रवचन, स्वाध्याय, पूजा-अर्चना एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


सकल दिगम्बर जैन समाज पिंडरई के अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र जी ने समाज के सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह अवसर सभी के लिए ज्ञान, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का प्रेरणास्रोत बनेगा।
ज्ञात हो कि इस भव्य धार्मिक आयोजन का संचालन बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया जी (कटंगी) के निर्देशन में किया जाएगा। आयोजन को लेकर पिंडरई में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण है।

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