इन्वीटेशनल स्पीड स्केटिंग चैम्पियनशिप में स्कूल के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन, 500 से अधिक प्रतिभागियों को पछाड़कर पाया पहला स्थान
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
सावनेर (जिला नागपुर, महाराष्ट्र) में आयोजित ‘इन्वीटेशनल स्पीड स्केटिंग चैम्पियनशिप’ में विद्या भूमि पब्लिक स्कूल के होनहार खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी रफ्तार और हुनर का लोहा मनवाया है। 7 जून को संपन्न हुई इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विद्यालय के 22 छात्र-छात्राओं के दल ने न केवल स्कूल, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन करते हुए कुल 22 पदकों पर कब्जा किया और प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।
इस चैंपियनशिप में महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों से 500 से अधिक स्केटर्स ने हिस्सा लिया था, जिनके बीच विद्या भूमि के स्केटर्स का दबदबा देखने को मिला।
मेडल तालिका, किसने, क्या जीता
विद्या भूमि की टीम ने प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाते हुए 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। विजेताओं की सूची इस प्रकार है
पदक संख्या विजेता खिलाड़ियों के नाम
स्वर्ण पदक 02 राजेश्वरी टेकाम, वेदिका ठाकरे
रजत पदक 07 प्रज्ञान गजभिए, आदित्य बेलवंशी, वेद येरपुडे, अर्चित रघुवंशी, रिशांक विश्वकर्मा, वंशिता राय, विधि रघुवंशी
कांस्य पदक 13 शाजैन सिद्दिकी, तक्षिल जैन, भव्य पवार, याशिका चापले, आयुष मडके, विराट मौर्य, असद मंसूरी, पंक्ति मौर्य, वैष्णवी वत्स, दिव्यांशु वत्स, वेद राय, कुशांक डोंगरे, सानिध्य धुर्वे l
कोच के मार्गदर्शन में रचे जा रहे नए कीर्तिमान
खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके स्केटिंग कोच सचिन कोमजवार के अथक प्रयासों और बेहतरीन रणनीति का बड़ा योगदान है। उनके कुशल मार्गदर्शन में विद्या भूमि की स्केटिंग टीम लगातार कड़ी मेहनत कर खेल के मैदान में रोज नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है।
मैनेजमेंट ने दीं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
विद्या भूमि के खिलाड़ियों की इस स्वर्णिम सफलता पर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। विद्यालय की प्रशासिका डॉ. विजया यादव, चैयरमैन डॉ. शेषराव यादव एवं तकनीकी निदेशक विशेष यादव सहित समस्त विद्या भूमि परिवार ने इस शानदार उपलब्धि की सराहना की है। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों और कोच श्री सचिन कोमजवार को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
प्रशासिका डॉ. विजया यादव,ने कहा की
विद्या भूमि के बच्चों ने खेल भावना और कड़े अनुशासन का परिचय देते हुए यह मुकाम हासिल किया है। हमें अपने खिलाड़ियों और कोच पर गर्व है।
