कांग्रेस अर्थशास्त्र से भाग रही है, भावनाओं की आड़ में फैला रही है भ्रम अनिल गुप्ता

Revanchal
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रसोई गैस पर राजनीति नहीं, तथ्यों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर हो चर्चा, अनिल गुप्ता

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

भारतीय जनता पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने रसोई गैस की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी बयान को भ्रामक, आधा सच और राजनीतिक हताशा का दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल सिलेंडर की कीमत गिनाती है, लेकिन उन वैश्विक कारणों को छिपाती है जिनका सीधा प्रभाव ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है।

भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि भारत अपनी आवश्यकता का अधिकांश कच्चा तेल और एलपीजी विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर की विनिमय दर, समुद्री परिवहन लागत और वैश्विक संघर्षों का सीधा असर पड़ता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका ईरान युद्ध सहित पश्चिम एशिया में अस्थिरता और वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों को राहत देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि उसके शासनकाल में गैस कनेक्शन सुविधा नहीं, बल्कि विशेषाधिकार हुआ करता था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों तक गैस पहुंची है और महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है।

गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा भी देखनी चाहिए। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व की आर्थिक दिशा तय करने वाली प्रमुख शक्तियों में अमेरिका, चीन, भारत और रूस शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित हो रही प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए उसकी आर्थिक क्षमता, स्थिरता और भविष्य की संभावनाओं की सराहना की। यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि आज दुनिया की बड़ी शक्तियां भारत को केवल एक विकासशील देश नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को दिशा देने वाली प्रमुख शक्ति के रूप में देख रही हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब कांग्रेस के शासनकाल में भारत को आर्थिक चुनौतियों और नीतिगत अस्थिरता के कारण वैश्विक मंचों पर संदेह की दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर विकसित भारत के संकल्प की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जब दुनिया भारत की आर्थिक ताकत को स्वीकार कर रही है, तब कांग्रेस का नकारात्मक राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

जिला कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा आंकड़ों की बाजीगरी से सच्चाई नहीं बदलती। राष्ट्र का अर्थशास्त्र नारों से नहीं, तथ्यों से चलता है। प्रश्न उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन तथ्यों को छिपाना उसका अधिकार नहीं हो सकता।

उन्होंने कांग्रेस से कुछ सीधे आर्थिक प्रश्न पूछे

क्या कांग्रेस बताएगी कि उसके शासनकाल में महंगाई कई बार दोहरे अंकों में क्यों पहुंची थी?

कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद जनता को राहत क्यों नहीं मिली थी?

यूपीए सरकार के दौरान हुए लाखों करोड़ रुपये के घोटालों का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा था?

गैस सब्सिडी में व्याप्त भ्रष्टाचार और फर्जी कनेक्शनों के लिए कौन जिम्मेदार था?

यदि कांग्रेस की आर्थिक नीतियां इतनी सफल थीं तो भारत को “फ्रैजाइल फाइव” अर्थव्यवस्थाओं में क्यों गिना जाने लगा था?

क्या कांग्रेस यह बताएगी कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) लागू होने के बाद गैस सब्सिडी व्यवस्था में आई पारदर्शिता और बचत को वह क्यों स्वीकार नहीं करती?

जिला कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि केवल सिलेंडर का मूल्य बताना अधूरा सच है। सच्चाई यह भी है कि करोड़ों परिवारों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत, पीएम आवास, उज्ज्वला योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। किसी भी अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन केवल एक उत्पाद की कीमत से नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में आए समग्र सुधार से किया जाता है।

उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है। दुनिया भारत की आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता और नेतृत्व पर विश्वास जता रही है। ऐसे समय में विपक्ष का दायित्व रचनात्मक सुझाव देना होना चाहिए, न कि भ्रम और निराशा फैलाना।

उन्होंने कहा कि “राष्ट्र का सम्मान दलों से बड़ा होता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष का मतभेद हो सकता है, लेकिन भारत की उपलब्धियों पर पूरे देश को एक स्वर में गर्व होना चाहिए। सरकारें आती-जाती हैं, पर राष्ट्रहित सर्वोपरि रहता है।

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