काली गुणवत्ताहीन रेत से बना दी पुलिया
धनौली का मामला
बजाग -जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत धनौली में पाइप पुलिया निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमार्ग से चौराटोला मार्ग की ओर महारानी नाला में बनाई जा रही पुलिया के किनारे वाले हिस्से में साफ तौर पर दरारें दिखाई दे रही हैं, जो निर्माण की कमजोर गुणवत्ता को उजागर करती हैं।

मौके पर देखा गया कि नई पुलिया के साइड भाग पर लंबी और पतली दरारें नजर आ रही हैं। जो कि इस बात का संकेत है कि सीमेंट-कंक्रीट का मिश्रण मानक के अनुसार नहीं किया गया निर्माण के दौरान साइड वाल में भी तकनीकी प्रक्रियाओं, कंक्रीट की सही तरह से सेटिंग और कंपन वाइब्रेटर मशीन का उपयोग,नहीं किया गया है।
आरोप है कि राज्य वित्त आयोग योजना के तहत स्वीकृत इस निर्माण कार्य में काली गुणवत्ताहीन रेत और अन्य सामग्री का उपयोग किया गया है। साथ ही पुलिया के नीचे मजबूत बेस नहीं डाला गया साइड वॉल की लंबाई प्राक्कलन से कम रखी गई है, जिससे पूरी संरचना की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कार्य पिछले दो सप्ताह से जारी है और अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में निर्माण पूरा होने से पहले ही दरारें दिखना भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका को बढ़ाता है।जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य अभी अधूरा है जबकि जिम्मेदारों ने पचास प्रतिशत से ज्यादा राशि का आहरण पहले ही कर लिया ।
मांग की जा रही है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी निर्माण एजेंसी व जिम्मेदार उपयंत्री पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित की जाए ।
निर्माण स्थल पर पारदर्शिता के लिए कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया है जिससे कि कार्य की लागत,स्वीकृति और अन्य जानकारी ग्रामीणों को उपलब्ध हो सके।
