जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी का विखंडन बर्दाश्त नहीं

Revanchal
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मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने शहर की उपेक्षा पर आंदोलन की चेतावनी दी

दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर। मध्य प्रदेश के इकलौते आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के विखंडन और इसे उज्जैन स्थानांतरित करने की प्रशासनिक कवायद के खिलाफ शहर में तीव्र जनाक्रोश भड़क उठा है। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने शासन प्रशासन के इस कदम पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि जबलपुर के शैक्षणिक व चिकित्सकीय स्वाभिमान पर यह हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस विखंडन प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका गयाए तो शहर की जनता सड़कों पर उतरकर आमरण अनशन व उग्र आंदोलन और आगामी चुनावों के पूर्ण बहिष्कार जैसे कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी।


उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों में चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाने के बावजूद एक समर्पित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी परिप्रेक्ष्य में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2011 के अंतर्गत जबलपुर मेडिकल कॉलेज के समीप इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा शिलान्यास किया गया यह संस्थान मध्य प्रदेश के चिकित्सा इतिहास में इकलौता आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसीद्ध की अनुशंसा अनुसार इसे केंद्रीय दर्जा प्राप्त है तथा यहाँ हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जो इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाती है शहरवासियों का आरोप है कि जबलपुर को मिलने वाली सौगातों को धीरे-धीरे छीने जाने का एक षड्यंत्र सा चल रहा है। इससे पूर्व मध्य प्रदेश विद्युत मंडल का मुख्य प्रशासनिक कार्यालय भोपाल स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि पेंशन कार्यालय को भी भोपाल भेजने की कवायद की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त जबलपुर से विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए संचालित वायु सेवाओं को भी बंद कर शहर के विकास को बाधित किया गया।


अब इसी कड़ी में प्रदेश के एकमात्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के टुकड़े कर इसे उज्जैन स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। विज्ञप्ति के माध्यम से जिला सचिव देवेन्द्र कुमार पचौरी ने भारत सरकार से मांग कर कहा कि शहर की उपेक्षा का दर्द अब और सहन नहीं होता। यदि विश्वविद्यालय के विखंडन और स्थानांतरण का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में चरणबद्ध जन आंदोलन किया जाएगा. जिसकी संपूर्ण जवाब देही शासन प्रशासन की होगी।


मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अटल उपाध्याय देवेन्द्र पचौरी आलोक अग्निहोत्री मनोज सिंह बृजेश मिश्रा छाया पवार सवाति मिश्रा कविता येडे परशुराम तिवारी वीरेंद्र सिंह एस पी बाथरे तुषरेन्द सिंह नीरज कौरव जवाहर लोधी दिलीप यादव योगेश देशमुख राजू मस्के अरुण चतुर्वेदी सुरेन्द्र जैन शैलेन्द्र दुबे अंकित चौरसिया सतीश देशमुख विशाल मसीह टीआर मेहरा टोनी एम्बूस राकेश यादव राकेश राव प्रीतोष तारे अमित गौतम मधुर कपूर सहित सभी पदाधिकारियों ने माननीय राष्ट्रपति महोदया व प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को जबलपुर में रहने देने कि मांग कि है।

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