अ भा साहित्य परिषद मंडला की भी काव्य धारा

Revanchal
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दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, विगत दिनों अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंडला इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें अध्यक्षता डॉक्टर राकेश सोनी प्रांतीय अध्यक्ष ने की जबकि मुख्य आतिथ्य डॉक्टर रश्मि वाजपेई ने संभाला।विशिष्ट हेमंत जैन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ नीलू मुस्तजार जी की मधुर सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

प्रारम्भ में नवीन जैन अकेला जी की वृक्ष राम है वृक्ष रहीम, रश्मि मिश्रा की मुझे को अपने जैसा कब समझोगे, सुनीता सोनी जी की अक्षय तृतीया शुभ आई प्रस्तुतियों ने बचपन की स्मृतियां लौटा दी। अनीता गोयल की रंगों से मेरा रिश्ता रहा, माया शुक्ला की नारी तू उड़ जा मुक्त गगन में, प्रज्ञा तांबे की केक संस्कृति पर आधारित रचना ने समाज को उत्तम संदेश दिया।

डॉ अर्चना अनिल जैन ने करारा व्यंग्य किया क्यों गाली देते हो नेताओं को तुम्हीं ने तो इन्हें बनाया, नीलू मुस्तजार की गतांक को छोड़ आगे बढ़ो, प्रतिमा वाजपेई के अनुशासित जीवन रहे, चंद्रकला दुबे की क्या लिखूं एक कलम तुझ पर, अनीता उपाध्याय की ताजी ताजी हवा मिले, योगिता जी के सुंदर दोहे और नवनीता दुबे नूपुर जी की भारतवासी एक है ने समां बांधा।

विशिष्ट अतिथि हेमंत जैन की हार में ही जीत छिपी होती है, मुख्य अतिथि डॉक्टर रश्मि बाजपेई जी की काव्य कितने लिख चुकी, अध्यक्ष डॉ प्रीति मनीष दुबे की कितने रंग बदलती है जिंदगी रचनाओं ने आनंद विभोर कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राकेश सोनी जी ने परिषद के वार्षिक कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए सभी को प्रेरणा प्रदान की।

कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ साहित्यकार एवं संरक्षक प्रतिमा वाजपेई जी ने कुशल संचालन अध्यक्ष डॉ प्रीति मनीष दुबे ने किया जबकि आभार प्रदर्शन सुनीता सोनी ने किया।

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