दो पंचायतों की आबादी को जलसंकट से कब मिलेगी निजात?
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – नगर की दो प्रमुख ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों को लंबे समय से बहुप्रतीक्षित नल-जल योजना के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना का कार्य फिलहाल प्रगति पर है, लेकिन धीमी रफ्तार के चलते लोगों को अब भी जलसंकट से जूझना पड़ रहा है।
मौके पर एक पानी टंकी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि दूसरी टंकी निर्माणाधीन है। इसके अलावा फिल्टर प्लांट का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है, जहां मशीनरी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। मशीन लगने के बाद ही योजना को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
हर वर्ष गर्मी के मौसम में नगर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगता है। ऐसे में इस योजना से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार चकरार नदी से पानी लाकर फिल्टर प्लांट में शुद्ध किया जाएगा और फिर पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया जाएगा।
योजना के तहत पूरे नगर में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाना है। इसके लिए जल्द ही पुरानी कंक्रीट नालियों को तोड़कर उनकी सफाई की जाएगी, जिसमें लगभग दो से ढाई महीने का समय लग सकता है। इसके बाद पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेज किया जाएगा, जिसमें भी पर्याप्त समय लगने की संभावना है।
गौरतलब है कि यह योजना दो वर्ष पूर्व ही पूर्ण हो जानी थी, लेकिन पूर्व में कार्यरत निर्माण एजेंसी के असफल रहने के कारण काम अधूरा रह गया। इसके बाद दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नए ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके बाद अब काम फिर से शुरू हुआ है। हालांकि बीच-बीच में कार्य रुकने के कारण परियोजना में लगातार देरी हो रही है।
पुरानी योजना भी नहीं दे रही साथ
नगर में करीब डेढ़ दशक पुरानी नल-जल योजना के तहत वर्तमान में पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन यह बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रही है। हालात यह हैं कि दो से तीन दिन में केवल एक बार ही पानी की सप्लाई की जा रही है, जिससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में लोगों को अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि अप्रैल और मई माह में जलस्तर और नीचे जाने की स्थिति में यह सीमित सप्लाई भी बंद हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो नगर में भीषण जलसंकट गहरा सकता है और पानी के लिए त्राहि-त्राहि की स्थिति बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, तो अगली गर्मी तक योजना को शुरू किया जा सकता है। फिलहाल दो पंचायतों की बड़ी आबादी इस योजना के चालू होने का इंतजार कर रही है और उम्मीद जता रही है कि जल्द ही उन्हें वर्षों पुराने जलसंकट से राहत मिलेगी।
