रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर जहाँ पूरा विश्व मजदूरों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर रहा था, वहीं छिंदवाड़ा में एस्टर फाउंडेशन एवं नेमा क्षारसूत्र संस्थान ने एक अनूठी पहल की। चिलचिलाती धूप और लगभग 43°C के टॉर्चर वाले तापमान के बीच, टीम ने फील्ड पर जाकर उन श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जो राष्ट्र निर्माण में जुटे हैं।
कार्यस्थल पर पहुँची डॉक्टरों की टीम
अमूमन शिविरों में मरीज पहुँचते हैं, लेकिन इस बार स्वास्थ्य सेवाएँ खुद श्रमिकों के द्वार तक पहुँचीं।
डॉ. पवन नेमा एवं वैशाली शेंडे के नेतृत्व में टीम ने रेलवे ट्रैक क्षेत्र, मालधक्का और कृष्णा वेयरहाउस जैसे प्रमुख स्थानों पर जाकर शिविर लगाए।
जांच और उपचार की मुख्य बातें
कुल लाभार्थी 109, श्रमिक भाइयों-बहनों की जांच की गई।
प्रमुख जांचें ब्लड प्रेशर और शुगर की निःशुल्क जांच।
परामर्श, भीषण गर्मी में लू से बचाव और कार्य के दौरान स्वास्थ्य सावधानी रखने के टिप्स दिए गए।
निःशुल्क दवाएं जरूरतमंद श्रमिकों को मौके पर ही औषधियों का वितरण किया गया।
डॉ. पवन नेमा ने कहा
हमारा उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधा पहुँचाना है। श्रमिक भाई कठिन परिस्थितियों और भीषण गर्मी में काम करते हैं, उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।
सेवा में समर्पित रही टीम
इस पुनीत सेवा कार्य में संजना चटकवार और साक्षी अहाके ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। एस्टर फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शहर में काफी सराहना हो रही है। भीषण गर्मी के बावजूद डॉक्टरों की इस सक्रियता ने न केवल श्रमिकों को राहत दी, बल्कि मानव सेवा का एक अनुपम उदाहरण भी पेश किया।
