पानी डालने से ही घुल रही ईंटें,
उपयंत्री नहीं कर रहे नियमित निरीक्षण,
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाडपत्थरा के पोषक ग्राम चकरार में बन रहे आंगनबाड़ी भवन निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। लगभग 9 लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस भवन में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। दीवारों में लगाई गई ईंटें इतनी कमजोर हैं कि तराई के दौरान ही घुलने लगती हैं और दीवारों से मसाला झड़ रहा है। और कई जगह से उखड़ने भी लगा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भवन के ढांचे में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है, जहां कॉलम और बीम आड़े-तिरछे ढाले गए हैं और मुख्य द्वार पर लगभग 6 फीट की ऊंचाई पर बीम डाल दी गई है, जिससे दरवाजे की ऊंचाई कम हो गई है। इससे न केवल आवागमन में परेशानी होगी बल्कि अलमारी, फर्नीचर जैसे आवश्यक सामान अंदर ले जाना भी मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में काली मिट्टी मिश्रित रेत का उपयोग किया गया है और सरिया भी कम मात्रा में लगाया गया है। दीवारों पर पानी के बहाव के निशान इस बात की गवाही देते हैं कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है।
इस पूरे मामले में उपयंत्री की लापरवाही भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उपयंत्री द्वारा निर्माण स्थल का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, न ही निर्माण एजेंसी को कार्य सही ढंग से करने के लिए कोई निर्देश दिए जा रहे है, जिससे घटिया निर्माण को खुली छूट मिल गई है।
जब इस संबंध में पंचायत सचिव से जानकारी ली गई तो उन्होंने गलती से बीम डल गई है कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जो कि लापरवाही को और उजागर करता है।
जानकारी के अनुसार इस भवन को वर्ष 2021-22 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन निर्माण के दौरान ही इतनी गंभीर खामियां सामने आना निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों में इसको लेकर भारी असंतोष है और उन्होंने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों के लिए बनाए जा रहे इस भवन में यदि इसी तरह की लापरवाही बरती गई तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
