दैनिक रेवाँचल टाईम्स – शहडोल/भोपाल की ऐतिहासिक जामिया इस्लामिया अरबिया (मस्जिद तर्जुमा वाली) में बीते 16 जुलाई 2026 को ‘राब्ता मदारिस इस्लामिया अरबिया मध्य प्रदेश’ की एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में शहडोल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद (शहर शहडोल) के नवनियुक्त अध्यक्ष जनाब मोहम्मद जकरिया साहब ने विशेष रूप से शिरकत की।
बैठक से सफल वापसी के बाद, जकरिया साहब की तरफ से सूफियान खान ने शहडोल की आवाम और मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल की इस उच्च स्तरीय बैठक में शहडोल क्षेत्र के मदरसों और शैक्षणिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव रखे गए हैं, जिससे आने वाले समय में हमारे सभी शिक्षण संस्थानों को कानूनी और संगठनात्मक रूप से बड़ी मजबूती मिलेगी।
नई नस्लों के भविष्य और संस्कारों की फिक्र
सूफियान खान के मुताबिक, अध्यक्ष जनाब मोहम्मद जकरिया साहब ने जोर देकर कहा है कि:
आज के मौजूदा हालातों में हमारी आने वाली पीढ़ियों को भटकाव से बचाना, उन्हें सही संस्कार देना और दीन की हिफाजत करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए हमारे धार्मिक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) का वजूद और उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।”
शहडोल में जल्द होगी पहली बड़ी बैठक
जनाब मोहम्मद जकरिया साहब के सदर (अध्यक्ष) बनने के बाद शहडोल में बहुत जल्द एक अहम और पहली बड़ी बैठक बुलाई जा रही है। सूफियान खान ने बताया कि इस बैठक में निम्नलिखित बड़े फैसले लिए जाएंगे:
संगठन का पुनर्गठन व विस्तार: शहडोल शहर में जमीयत के संगठन को मजबूत करने के लिए नई कार्यकारिणी का गठन होगा और नए चेहरों की घोषणा की जा सकती है।
उलेमा और दानिशवरों की मौजूदगी: इस महत्वपूर्ण बैठक में जमीयत उलेमा के जिला पदाधिकारियों के साथ-साथ शहर के तमाम उलेमा, इमाम, हाफ़िज़ और सभी मुस्लिम समाज के जिम्मेदार नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है।
शहडोल के सभी मदरसों, शिक्षण संस्थानों और कौम के जिम्मेदार लोगों से गुजारिश है कि इस आगामी बैठक को कामयाब बनाने के लिए एकजुट रहें, ताकि हमारी आने वाली नस्लों का भविष्य सुरक्षित और मजबूत हो सके। बैठक की तारीख और स्थान की घोषणा जल्द ही सूफियान खान के जरिए आम की जाएगी।
