रेवांचल टाइम्स बिछिया मंडला नगर के वार्ड क्रमांक 03 स्थित भुआ बिछिया क्षेत्र में भूमि विवाद एक बार फिर गहरा गया है। भूमि स्वामी राजेन्द्र अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि पर चल रहे भवन निर्माण कार्य में कुछ लोगों द्वारा लगातार बाधा पहुंचाई जा रही है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेन्द्र अग्रवाल निवासी वार्ड क्रमांक 03 बिछिया की खसरा क्रमांक 163/8, रकबा 0.032 हेक्टेयर भूमि पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है। राजेन्द्र अग्रवाल का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान छोटीबाई, रामप्यारी, रामवती, सुमंत्रा तथा छोटीबाई के पुत्र द्वारा बार-बार निर्माण स्थल पर पहुंचकर मजदूरों, सुपरवाइजर और भूमि स्वामी के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य बंद कराने के उद्देश्य से धमकियां दी जा रही हैं तथा निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहन चालकों के साथ भी दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि यह विवाद नया नहीं है। उनके अनुसार वर्ष 2021 में भी संबंधित पक्षों द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा करने की नीयत से रेत, गिट्टी और ईंटों का भंडारण किया गया था। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार बिछिया के समक्ष धारा 250 के तहत कब्जा हटवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई के बाद 12 मई 2022 को तहसीलदार न्यायालय ने उनके पक्ष में निर्णय पारित करते हुए भूमि का कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे।
बताया गया कि इस निर्णय के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिछिया के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई थी। अपील की सुनवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक द्वारा भूमि का सीमांकन कराया गया। सीमांकन एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद अपील को निरस्त करते हुए तहसीलदार के आदेश को यथावत रखा गया। इसके पश्चात 28 सितंबर 2023 को राजेन्द्र अग्रवाल को संबंधित भूमि का कब्जा प्रदान कर दिया गया था।
राजेन्द्र अग्रवाल का आरोप है कि इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ। वर्ष 2025 में पुनः उक्त भूमि पर लगभग 8000 ईंटें रखकर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इसकी शिकायत तहसीलदार बिछिया से किए जाने पर 28 जनवरी 2026 को बेदखली वारंट जारी किया गया था।निर्माण कार्य के दौरान विवाद और बढ़ गया। राजेन्द्र अग्रवाल के अनुसार 21 मई 2026 को छोटीबाई, उनकी बहनों एवं पुत्र द्वारा निर्माण स्थल पर पहुंचकर मजदूरों तथा उनके ऊपर पत्थरों से हमला किया गया था। इस घटना की सूचना थाना बिछिया में दी गई थी।
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने 17 जून 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि 17 जून को दोपहर के समय वह अपने निर्माणाधीन मकान पर मौजूद थे। इसी दौरान रामप्यारी बाई, रामवती और सुमंत्रा वहां पहुंचीं और मजदूरों को काम बंद करने के लिए धमकाने लगीं। आरोप है कि कुछ देर बाद छोटू श्याम भी वहां आ गए तथा निर्माण स्थल के सामने लगे टीन शेड और जाली को क्षतिग्रस्त कर अंदर प्रवेश कर गए।
उन्होंने निर्माणाधीन कॉलम में लगे लोहे के सरियों को निकाल दिया और विवाद शुरू कर दिया, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।भूमि स्वामी का कहना है कि संबंधित पक्ष लगातार न्यायालय और राजस्व विभाग के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि भूमि का सीमांकन एवं कब्जा संबंधी डायवर्सन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य में सुरक्षा उपलब्ध कराने और विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।वहीं, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि छोटीबाई एक शासकीय शिक्षिका हैं।
राजेन्द्र अग्रवाल का दावा है कि संबंधित पक्ष की भूमि की सीमाएं भी स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य में हस्तक्षेप किया जा रहा है।फिलहाल पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण की जांच की जा रही है। मामले के सभी पहलुओं, राजस्व अभिलेखों, न्यायालयीन आदेशों तथा दोनों पक्षों के दावों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। भूमि विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग मामले के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
