
कार्रवाई नहीं होने से बढ़े हौसले
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।
मंडला शहर की मुख्य सब्जी मंडी इन दिनों कथित अवैध सट्टा कारोबार को लेकर चर्चाओं के केंद्र में बनी हुई है। चिलमन चौक, उदय चौक से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा के आसपास तक खुलेआम सट्टा लिखे जाने की बातें सामने आ रही हैं। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल इस क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे इस कथित कारोबार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी परिसर में प्रतिदिन लाखों रुपये का सट्टा लगाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अवैध कारोबार का यह नेटवर्क अब पहले से ज्यादा संगठित और मजबूत होता जा रहा है। कार्रवाई के अभाव में सट्टा कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी बेखौफ होकर अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शहर के बीचोंबीच चल रही इन गतिविधियों की भनक जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं लग रही? या फिर सब कुछ जानने के बावजूद आंखें मूंद ली गई हैं? लोगों के बीच यह चर्चा भी जोरों पर है कि कथित संरक्षण के कारण ही अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही।
नागरिकों का कहना है कि जब आम आदमी छोटी सी गलती पर कार्रवाई का सामना करता है, तब खुलेआम चल रहे इस कथित सट्टा कारोबार पर सख्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही? मंडला की जनता यह भी सवाल उठा रही है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह अवैध गतिविधियां संचालित होंगी तो कानून व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
चिंता की बात यह भी है कि तेजी से फैल रहे इस अवैध कारोबार की चपेट में युवा वर्ग भी आता जा रहा है। आसान कमाई के लालच में कई युवा इस गलत रास्ते की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका लगातार बढ़ रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस विभाग इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या मंडला की मुख्य सब्जी मंडी में चल रहे कथित सट्टा कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई होगी, या फिर संरक्षण के साये में यह खेल यूं ही चलता रहेगा? आखिर सवाल वही—किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है यह अवैध कारोबार?
