
रेवांचल टाइम्स नारायणगंज मंडला नारायणगंज क्षेत्र इन दिनों अवैध सट्टे के कारोबार का केंद्र बनता जा रहा है। जानकारी के अनुसार नारायणगंज बड़ चौराहा, खैरी बालई पुल और टिकरिया सहित कई स्थानों पर मोहल्ले-मोहल्ले में खुलेआम सट्टा लिखा जा रहा है,
जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। खास बात यह है कि ये गतिविधियां भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी बेखौफ संचालित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।मोबाइल के जरिए होता है सट्टे का पूरा काम, डिजिटल माध्यम बना नया हथियार सूत्रों के अनुसार अब सट्टा कारोबार पूरी तरह मोबाइल आधारित होता जा रहा है।
सटोरिये व्हाट्सएप, कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए नंबरों का लेन-देन कर रहे हैं, जिससे इस अवैध कारोबार को पकड़ना और भी मुश्किल होता जा रहा है। मोबाइल के जरिए लेन-देन होने से पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए सटोरिये तेजी से तरीके बदल रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो सटोरिये दिनदहाड़े लोगों के बीच बैठकर सट्टा लिख रहे हैं, खासकर नारायणगंज बड़ चौराहा और खैरी बालई पुल जैसे प्रमुख स्थानों पर यह गतिविधियां आसानी से देखी जा सकती हैं। इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि आखिर टिकरिया पुलिस की नजर इन गतिविधियों पर क्यों नहीं पड़ रही।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता या संभावित मिलीभगत के चलते सटोरियों के हौसले बुलंद हैं। टिकरिया क्षेत्र में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है, जहां कई बार शिकायतों के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सट्टा कारोबार के कारण युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है और सामाजिक माहौल भी बिगड़ रहा है। यदि समय रहते इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और टिकरिया पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और नारायणगंज बड़ चौराहा, खैरी बालई पुल और टिकरिया जैसे क्षेत्रों में फैल रहे इस अवैध सट्टा नेटवर्क पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होती है।
