मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर, राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम छात्रावासों, तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप का भुगतान…
रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर, राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम छात्रावासों, तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप का भुगतान अब उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सचिवालय, महानदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में कुल ₹84.66 करोड़ की छात्रवृत्ति और फेलोशिप का भुगतान ऑनलाइन किया।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि पूर्व… मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और फेलोशिप भुगतान की नई व्यवस्था के तहत, जून, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर महीनों में छात्रों को ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान होने वाली आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिलेगी। इससे पहले, छात्रों को साल में एक बार दिसंबर और फरवरी-मार्च में छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि प्रदान की जाती थी।
प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में किए जा रहे इन निरंतर प्रयासों ने शासन को पहले से कहीं अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया है। बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज आश्रम छात्रावासों के 1,86,050 छात्रों को ₹79.27 अरब और 12,142 पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों को ₹5.38 अरब की छात्रवृत्ति की दूसरी किश्त उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि छात्रों को छात्रवृत्ति और वजीफे का ऑनलाइन भुगतान पहली बार 10 जून, 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू किया गया था। शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व प्रदेश में संचालित सभी प्री-मैट्रिक छात्रावासों एवं आश्रमों को छात्रवृत्ति की प्रथम किश्त 77 करोड़ रुपये तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भोजन सहायता की प्रथम किश्त 8.93 करोड़ रुपये, कुल 85 करोड़ रुपये जारी कर एक अभिनव पहल की गई। इसके अतिरिक्त, इसके द्वितीय चरण में 17 जून, 2025 को 8370 विद्यार्थियों को 6.2 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति ऑनलाइन हस्तांतरित की गई।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तल भी उपस्थित थे।
