नरसिंहपुर, 23 अप्रैल 2026। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर एवं रेलवे स्टेशन परिसर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे के नेतृत्व में लगातार स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं।
पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर कुपोषित बच्चों की पहचान की गई तथा उन्हें पोषण आहार और आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जानकारी दी गई।
डॉ. आर.आर. कुर्रे ने बताया कि पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय “जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” रहा, जिसमें विशेष रूप से जन्म से पहले 1000 दिनों को बच्चे के शारीरिक, मानसिक और समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। उन्होंने कहा कि मानव मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास शुरुआती 6 वर्षों में हो जाता है, इसलिए इस अवधि में संतुलित पोषण बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, फाइबर और जल जैसे पोषण तत्वों के महत्व की जानकारी दी गई। बताया गया कि ये तत्व ऊर्जा, शरीर निर्माण, रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं।
डॉ. कुर्रे ने कहा कि केंद्र और राज्यों में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी पोषण पखवाड़ा अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। रेलवे हॉस्पिटल की टीम ने सामूहिक प्रयासों से लोगों को जागरूक कर जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
