मरीजों को लूट का जरिया 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल

Revanchal
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चालक पर ₹2500 मांगने का आरोप, सोशल मीडिया पर ऑडियो–वीडियो वायरल

मवई विकासखंड के ग्राम पंचायत मेढ़ा का मामला; आशा कार्यकर्ता का कथित ऑडियो भी चर्चा में, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उठी मांग जम के हो रहा भ्रष्टाचार लूट का विकास मिस्टर इंडिया बने जबबदार…

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।
मंडला जिले के मवई विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेढ़ा से सामने आए एक मामले ने सरकारी 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कथित ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 108 एम्बुलेंस चालक ने एक पीड़ित महिला को अस्पताल ले जाने के एवज में ₹2500 की मांग की। इसके साथ ही एक आशा कार्यकर्ता और सरपंच से जुड़ा बताया जा रहा कथित ऑडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।


वायरल सामग्री के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश और चर्चा का माहौल है। आमजन का कहना है कि सरकार द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि मरीजों से पैसे मांगने के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ अन्याय होगा, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा।
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले जिले में एक युवक की एम्बुलेंस में कथित रूप से ऑक्सीजन उपलब्ध न होने के कारण मृत्यु होने का मामला भी चर्चा में रहा था। अब एम्बुलेंस चालक पर पैसे मांगने के आरोप सामने आने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।


हालांकि, वायरल वीडियो और कथित ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है तथा समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग या संबंधित एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वायरल ऑडियो–वीडियो की सत्यता की जांच करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित चालक और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आमजन का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से उठ सकता है।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

मंडला जिले के मवई विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेढ़ा से सामने आए इस नए मामले ने सरकारी 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कथित ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 108 एम्बुलेंस चालक ने एक पीड़ित महिला को अस्पताल ले जाने के एवज में ₹2500 की मांग की। इसके साथ ही एक आशा कार्यकर्ता और सरपंच से जुड़ा बताया जा रहा कथित ऑडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।


वायरल सामग्री के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश और चर्चा का माहौल है। आमजन का कहना है कि सरकार द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि मरीजों से पैसे मांगने के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ अन्याय होगा, बल्कि एम्बुलेंस चालक पर पैसे मांगने के आरोप सामने आने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो और कथित ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है तथा समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग या संबंधित एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वायरल ऑडियो–वीडियो की सत्यता की जांच करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित चालक और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आमजन का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से उठ सकता है।
वही अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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