नए शिक्षा सत्र से पहले तैयारियां अधूरी
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई क्षेत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनेक शासकीय विद्यालयों के भवन जर्जर एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं, जबकि बरसात का मौसम भी नजदीक है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर अभिभावकों तथा नागरिकों में चिंता बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नए शिक्षा सत्र के पूर्व स्कूल भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, साफ-सफाई तथा आवश्यक सुविधाओं के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। कई विद्यालय परिसरों में गंदगी, पेयजल की कमी, शौचालयों की खराब स्थिति तथा बाउंड्रीवाल के अभाव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। वहीं कुछ स्कूलों में खेल मैदान और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
नागरिकों का यह भी कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए ठोस तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। नए सत्र के पूर्व शिक्षकों की उपस्थिति, समयबद्ध शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित में आवश्यक दिशा-निर्देशों को लेकर भी अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आ रही है।
इधर निजी विद्यालयों को लेकर भी अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि फीस, ड्रेस और पाठ्य सामग्री के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। नागरिकों ने निजी स्कूलों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा मानकों तथा नियमों के पालन की नियमित जांच कराने की मांग की है।
जिले के नागरिकों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि नए शिक्षा सत्र के आरंभ से पहले सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के विद्यालयों की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
