90% उपस्थिति की अनिवार्यता वर्षों पुराने अतिथि शिक्षकों को हटाने का सरकारी खेला : पी .डी.खैरवार

Revanchal
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अधिकतर अतिथि शिक्षकों की भर्ती अटकने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर संकट

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मण्डला। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही अतिथि शिक्षकों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। लंबे इंतजार के बाद जनजातीय कार्य विभाग के द्वारा जारी पत्र क्रमांक 4/E-1372212/2026/12453 दिनांक 04.07.2026 में पोर्टलों के माध्यम से रिज्वाईनिंग और लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा 2 जुलाई 26 को जारी पत्र क्रमांक 2026-27/01 में 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता जोड़ दिए जाने से प्रदेश भर में अधिकतर पुराने अतिथि शिक्षकों की रिज्वाइनिंग भर्ती प्रक्रिया में भारी संकट खड़ा हो गया है। कहना जायज है ,कि जो अत्यंत कम मानदेय पर आंशिक रोजगार में लगे हुए नियमित रोजगार के लिए वर्षों से संघर्ष करते आ रहे पुराने अतिथि शिक्षकों को हटाने का विशुद्ध रूप से सरकारी खेला है।

गौरतलब हो,कि जनजाति विभाग के द्वारा 4 जुलाई को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है, कि अब नियुक्ति eHRMS और GFMS पोर्टल पर दर्ज रिक्त पदों के आधार पर ही होगी। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र में स्पष्ट कहा गया है,कि 90% उपस्थिति का कड़ा मापदंड लागू किया जाए ।

“पहले वाले भी बाहर, नए भी नहीं आ पा रहे हैं समय पर “
अतिथि शिक्षक परिवार मण्डला के जिला अध्यक्ष एवं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश के संस्थापक पी.डी.खैरवार का आरोप है ,कि उपरोक्त शर्तों के कारण वर्षों से पढ़ा रहे अनुभवी अतिथि शिक्षकों को भी बाहर होने का डर सता रहा है। वहीं नए आवेदकों की भी भर्ती अटकी रहेगी । जिससे अनुभवी अतिथि शिक्षकों की रोजी रोटी का संकट तो खड़ा हो ही रहा है,बच्चों की पढ़ाई के भारी नुक्सान को भी नहीं रोका जा सक रहा है । जिसकी भरपाई आजीवन नहीं हो सकती।

खैरवार ने यह भी कहा कि, “अतिथि शिक्षक के भरोसे ही सालों से स्कूल चल रहे रहे हैं। नियमितीकरण की मांग करते-करते तो खूब शोषित हो चुके हैं। अब सरकार ने नियमित करना तो छोड़ अतिथि शिक्षक बनने में ही 90% हाजिरी की शर्त लगा दी। जब 3-4 महीने मानदेय नहीं मिलता तो सरकार को कभी चिंता नहीं हुई। अतिथि शिक्षकों का भी समाज है, परिवार है।उनको भी इन सबके लिए कुछ समय की जरूरत पड़ती होगी, ऑनलाइन अटेंडेंस में तो दर्जनों तरह की समस्याएं आती हैं। ऐसे में 90% उपस्थिति कैसे पूरी होगी?”

जटिल भर्ती प्रक्रिया में समय खराब
4 जुलाई के आदेश के अनुसार अब SMDC रिक्त पदों की गणना करेगी और भर्ती GFMS पोर्टल से होगी। जिन स्कूलों में पोर्टल में दिक्कत आएगी वहां DEO, सहायक आयुक्त और DPC की 3 सदस्यीय समिति ही नियुक्ति की जाएगी। स्वाभाविक है,इस पूरी प्रक्रिया में देरी के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अधिकांश पदों को भरने में लंबा समय जा रहा है।

मांग
सरकार से मांग है, कि 90% उपस्थिति की अनिवार्यता को यथार्थ के आधार पर बदला जाए। वर्षों से सेवा देते आ रहे अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता पूर्वक रिज्वाइनिंग कराई जाए।किसी कारण वश बाहर हुए अनुभवी अतिथि शिक्षकों को भी भर्ती में प्राथमिकता दी जाए। पोर्टलों के झमेले में न पड़कर अतिथि शिक्षक भर्ती जल्द कर ली जाए।जिससे बच्चों की पढ़ाई में अब और देर पर देर न हो।

फिलहाल नए नियमों के कारण प्रदेश के सैकड़ों स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के पद खाली हैं और छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।इस पर सरकार और जिला शिक्षा प्रशासन को भी गंभीरता पूर्वक विचार करने की सख्त जरूरत है।

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