खबर कवरेज करने पहुंचे पत्रकार को खदान में बनाया बंधक, मैनेजर सहित कर्मचारियों पर एफआईआर

Revanchal
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मोबाइल छीना, वीडियो डिलीट किए, तोड़ने का किया प्रयास — पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मामला

रेवांचल टाइम्स मंडला। जिले में संचालित डोलोमाइट खदानों में मनमानी और अवैध गतिविधियों के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार खबर कवरेज के लिए खदान क्षेत्र में पहुंचे एक पत्रकार को खदान के कर्मचारियों ने घेरकर बंधक बनाने की कोशिश की, मोबाइल छीन लिया और उसमें मौजूद वीडियो व फोटो जबरन डिलीट कर दिए। इतना ही नहीं, मोबाइल फोन तोड़ने का भी प्रयास किया गया और प्रेस आईडी तक तोड़ दी गई।


इस घटना के बाद पुलिस ने ककैया डोलोमाइट माइन के मैनेजर योगेशराज पटेल सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना के सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है।


खबर कवरेज करने पहुंचे थे पत्रकार के अनुसार मंडला निवासी रामकुमार उर्फ रोहित बघेल, जो विस्तार न्यूज चैनल में जिला रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं, 18 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत बीजेगांव क्षेत्र में खबर कवरेज के लिए पहुंचे थे।

गांव के आसपास संचालित डोलोमाइट खदानों में हो रही ब्लास्टिंग और खनन को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। कि खदानों में लगातार विस्फोट किए जा रहे हैं, जिससे आसपास के घरों में कंपन महसूस होता है और कई मकानों में दरारें भी पड़ चुकी हैं।

इस संबंध में ग्रामीणों ने पहले भी प्रशासन और खनिज विभाग को शिकायतें की थीं। इसी सूचना के आधार पर पत्रकार रोहित बघेल खदान क्षेत्र में वास्तविक स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे।


वीडियो बनाते ही भड़क उठे कर्मचारी


बताया जाता है कि जब पत्रकार खदान परिसर में पहुंचे तो वहां ट्रकों में डोलोमाइट पत्थर लोड किया जा रहा था। उन्होंने वहां हो रही गतिविधियों के फोटो और वीडियो बनाना शुरू कर दिया।जैसे ही खदान के कर्मचारियों को इसका पता चला, वे आक्रोशित हो गए। आरोप है कि खदान के मैनेजर योगेशराज पटेल और अन्य कर्मचारियों ने पत्रकार को चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी।


मोबाइल छीनकर डिलीट किए वीडियो


पीड़ित पत्रकार के अनुसार कर्मचारियों ने पहले उनका मोबाइल और कैमरा छीन लिया। इसके बाद मोबाइल में मौजूद वीडियो और फोटो जबरन डिलीट कर दिए गए।
इतना ही नहीं, एक कर्मचारी ने मोबाइल फोन को तोड़ने की भी कोशिश की। इस दौरान पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की भी की गई और उन्हें खदान परिसर में ही रोककर रखा गया।


पत्रकार का आरोप है कि कर्मचारियों ने उन्हें वहां से बाहर निकलने नहीं दिया और डराने-धमकाने की भी कोशिश की।
प्रेस आईडी तक तोड़ दी
घटना के दौरान कर्मचारियों ने पत्रकार की पहचान के लिए रखी गई प्रेस आईडी को भी तोड़ दिया। इस पूरी घटना के दौरान पत्रकार खुद को असुरक्षित स्थिति में महसूस कर रहे थे।


काफी देर तक चले इस घटनाक्रम के बाद पत्रकार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल हस्तक्षेप किया।


पुलिस के हस्तक्षेप से निकले बाहर
बताया जाता है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद बम्हनी थाना प्रभारी और मंडला थाना प्रभारी सक्रिय हुए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही पत्रकार खदान परिसर से बाहर निकल पाए।


इस घटना के बाद पत्रकारों में भारी नाराजगी फैल गई और पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचा। उन्होंने घटना से जुड़े प्रमाण भी पुलिस को सौंपे।


जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद पत्रकार रामकुमार बघेल ने बम्हनी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पीड़ित पत्रकार के बयान दर्ज किए।


जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने खदान के मैनेजर योगेशराज पटेल सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 130, 127(2), 324(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।


खदानों में अनियमितताओं की चर्चा
सूत्रों के अनुसार बम्हनी बंजर क्षेत्र में संचालित कई डोलोमाइट खदानों में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं। आरोप है कि कई खदानों में स्वीकृत क्षमता से अधिक खनन किया जा रहा है और इसकी नियमित जांच भी नहीं हो रही है।

इसके अलावा खदानों से बड़ी मात्रा में पत्थर निकालकर ओवरलोड ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। इन भारी वाहनों के कारण ग्रामीण सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह सड़कें टूट गई हैं और धूल-मिट्टी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों में हो रही लगातार ब्लास्टिंग से क्षेत्र के पर्यावरण और जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग के समय जमीन तक हिलने लगती है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहता है।


ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इस घटना के सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में रोष का माहौल है। पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और पत्रकार समाज की समस्याओं को उजागर करने का काम करते हैं।


यदि पत्रकारों को खबर कवरेज के दौरान ही धमकाया जाएगा या उनके साथ अभद्रता की जाएगी तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
सख्त कार्रवाई की मांग पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षेत्र में संचालित डोलोमाइट खदानों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि अवैध खनन और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आने वाले समय में इस पूरे प्रकरण में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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